
सांकेतिक इमेज (सोर्स- Chatgpt)
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म 'जेफरीज' ने अपनी ताजा 'ग्रीड एंड फियर' रिपोर्ट में कहा है कि भारत चालू वित्त वर्ष (FY27, यानी अप्रैल 2026-मार्च 2027) में 6.5 से 7 प्रतिशत की वास्तविक GDP वृद्धि दर हासिल करने की राह पर है, जबकि नॉमिनल GDP वृद्धि दर 11-12 प्रतिशत के आसपास रह सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का आर्थिक प्रदर्शन 6 महीने पहले की अपेक्षाओं से बेहतर रहा है, जिसकी मुख्य वजह ऋण में व्यापक स्तर पर विस्तार और मांग से जुड़े संकेतकों में सुधार है।
जेफरीज की रिपोर्ट ‘ग्रीड एंड फियर’ के मुताबिक, जुलाई में बैंक ऋण वृद्धि सालाना आधार पर बढ़कर 17.8 प्रतिशत हो गई। इसमें भी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को दिए गए ऋण में सबसे तेज 24.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई, जबकि उद्योग क्षेत्र को कर्ज 20 प्रतिशत, सेवा क्षेत्र को ऋण 22.9 प्रतिशत और कॉरपोरेट ऋण में 21.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। जेफरीज ने इसे अहम संकेत बताते हुए कहा- कॉरपोरेट ऋण में तेजी यह भी संकेत देती है कि लंबे समय से प्रतीक्षित निजी क्षेत्र के पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) चक्र की शुरुआत आखिरकार हो रही है।
जेफरीज में इंडिया रिसर्च के प्रमुख महेश नंदूरकर ने कहा कि कॉरपोरेट आय वृद्धि चालू वित्त वर्ष के 14 प्रतिशत से बढ़कर 1 अप्रैल 2027 से शुरू होने वाले अगले वित्त वर्ष में 17 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उन्होंने घरेलू मांग में लगातार बनी मजबूती की ओर भी इशारा किया।
रिपोर्ट में कहा गया कि अगस्त में जीएसटी संग्रह सालाना आधार पर 14.8 प्रतिशत बढ़ा। GSTN के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2026 में सकल जीएसटी राजस्व ₹1,99,853 करोड़ रहा, जबकि अगस्त 2025 में यह ₹1,74,116 करोड़ था। इसमें घरेलू राजस्व में 9.3 प्रतिशत और आयात राजस्व में करीब 29 प्रतिशत की वृद्धि का योगदान रहा। इसके अलावा, अप्रैल-अगस्त के दौरान बिजली की मांग में वृद्धि बढ़कर 9.4 प्रतिशत हो गई, जबकि जनवरी-मार्च की अवधि में यह वृद्धि महज 1.8 प्रतिशत थी। यानी खपत और आर्थिक गतिविधि दोनों में तेजी का साफ संकेत मिल रहा है।
जेफरीज की रिपोर्ट ‘ग्रीड एंड फियर’ में यह भी बताया गया कि भारतीय रिजर्व बैंक की FCNR(B) पहल के तहत विदेशी मुद्रा का मजबूत प्रवाह देखने को मिला, जिसके तहत सरकार ने अनिवासी भारतीयों (NRI) से उम्मीद से बेहतर 136 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा जमा राशि जुटाई।
गौरतलब है कि RBI गवर्नर ने 5 जून 2026 को यह रियायती डॉलर-रुपया स्वैप सुविधा शुरू करने की घोषणा की थी, जो कम से कम तीन साल और अधिकतम पांच साल की अवधि वाली नई FCNR(B) जमाओं के लिए 8 जून से 30 सितंबर 2026 तक खुली रखी गई।
राजकोषीय मोर्चे पर जेफरीज ने कहा कि सरकार के राजकोषीय समेकन के प्रयास सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा जीडीपी के 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है और आने वाले वर्षों में इसके और कम होने की उम्मीद जताई गई है।
जेफरीज का 6.5-7 प्रतिशत का अनुमान अन्य वैश्विक व घरेलू एजेंसियों के आकलन के दायरे में ही आता है, हालांकि उनसे थोड़ा ऊपर है। रेटिंग एजेंसी मूडीज ने फरवरी 2026 में जारी अपनी बैंकिंग सिस्टम आउटलुक रिपोर्ट में FY27 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था, जिसे उसने G20 देशों में सबसे तेज बताया था।
वहीं, केंद्र सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण ने इसी अवधि के लिए 6.8-7.2 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान लगाया था, जबकि आधिकारिक पहले अग्रिम अनुमान के अनुसार चालू वित्त वर्ष (FY26) में भारत के 7.4 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद जताई गई थी, जो वित्त वर्ष 2024-25 में दर्ज 6.5 प्रतिशत से बेहतर है। इस तरह देखा जाए तो जेफरीज की रिपोर्ट भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर बने व्यापक आशावादी नजरिए की ही पुष्टि करती है, भले ही अलग-अलग एजेंसियों के सटीक आंकड़ों में थोड़ा अंतर हो।
Updated on:
18 Sept 2026 05:49 pm
Published on:
18 Sept 2026 05:49 pm
