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MSCI की नई लिस्टिंग: कौन से शेयर बनाएंगे आपका पैसा? यहां समझें गणित

MSCI के नए बदलावों से आपने निवेश पर असर हो सकता है। MSCI की नई लिस्टिंग से आपके शेयर्स पर क्या असर होगा? आइए समझने का प्रयास करते हैं।
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भारत

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Vinay Shakya

Aug 29, 2026

msci new listing impacts

सांकेतिक इमेज (सोर्स- gemini)

MSCI (Morgan Stanley Capital International) ने अगस्त 2026 की पुनर्संतुलन (Rebalancing) समीक्षा की घोषणा कर दी है। इस बदलाव से कुछ शेयरों में संभावित खरीद और बिक्री का दबाव बढ़ सकता है, जिससे बाजार में हलचल देखी जा सकती है। इसलिए निवेशकों और व्यापारियों के लिए यह समय महत्वपूर्ण है।

लिस्ट में शामिल और हटाए गए शेयर

MSCI इंडिया स्टैंडर्ड इंडेक्स में 4 कंपनियों को शामिल किया गया है। लिस्ट में Laurus Labs, Lenskart Solutions, Adani Energy Solutions और Billionbrains Garage Ventures (Groww की मूल कंपनी) को शामिल किया गया है। वहीं, 3 कंपनियों Balkrishna Industries, SBI Cards & Payment Services और Astral को इंडेक्स से बाहर किया गया है। ये बदलाव 31 अगस्त 2026 को बाजार बंद होने के बाद लागू होंगे और 1 सितंबर से प्रभावी होंगे। अब इंडेक्स में कुल कंपनियों की संख्या 165 से बढ़कर 166 हो जाएगी। इसके साथ ही भारत का भार MSCI ग्लोबल इंडेक्स में 11.8% से बढ़कर 11.9% हो जाएगा।

पैसिव फंड फ्लो का अनुमान

Nuvama Alternative & Quantitative Research के अनुसार, MSCI में शामिल होने वाले शेयरों में अनुमानित पैसिव इनफ्लो इस प्रकार हो सकता है:

  • Laurus Labs: लगभग $598 मिलियन
  • Lenskart Solutions: लगभग $352 मिलियन
  • Adani Energy Solutions: लगभग $310 मिलियन
  • Groww (Billionbrains Garage Ventures): लगभग $256 मिलियन

हटाए गए शेयरों में संभावित अनुमानित आउटफ्लो

  • Balkrishna Industries: लगभग $169 मिलियन
  • SBI Cards: लगभग $143 मिलियन
  • Astral: लगभग $138 मिलियन

इसके अलावा, कुछ मौजूदा इंडेक्स सदस्यों के भार में भी बदलाव हुआ है। उदाहरण के लिए, Eternal को लगभग $674 मिलियन का अतिरिक्त इनफ्लो मिल सकता है, जबकि Reliance Industries को लगभग $523 मिलियन का आउटफ्लो झेलना पड़ सकता है।

बाजार पर संभावित असर

31 अगस्त को बंद होने वाले ट्रेडिंग सत्र के क्लोजिंग ऑक्शन में अस्थिरता बढ़ सकती है, क्योंकि पैसिव फंड्स और ट्रेडर्स अपनी पोजिशन को रीबैलेंस कर सकते हैं। कुछ ब्रोकरेज हाउस पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि फ्रंट-रनिंग (पहले से पोजिशन बनाने) का जोखिम बना रहेगा, इसलिए शुरुआती रुझानों को निवेश की सलाह के रूप में नहीं लेना चाहिए।

छोटे निवेशकों और व्यापारियों के लिए यह समझना जरूरी है कि MSCI इंडेक्स में शामिल या हटाए गए शेयरों में अचानक तरलता और कीमत में बदलाव हो सकता है। हालांकि, यह बदलाव दीर्घकालिक निवेश निर्णयों के लिए नहीं, बल्कि एक इवेंट-आधारित प्रतिक्रिया के रूप में देखा जाना चाहिए।

क्या होगा असर?

MSCI की अगली नियमित समीक्षा 11 नवंबर 2026 को घोषित होगी और उसके प्रभाव 1 दिसंबर से लागू होंगे। निवेशकों को यह समझना चाहिए कि MSCI इंडेक्स में शामिल होने या हटाए जाने से शेयरों में अस्थायी तरलता और कीमत में बदलाव हो सकता है, लेकिन दीर्घकालिक निवेश के लिए कंपनी की मूलभूत स्थिति और बाजार की दिशा अधिक मायने रखती है। MSCI के इस पुनर्संतुलन से कुछ शेयरों में अस्थायी खरीद और बिक्री का दबाव बढ़ सकता है। निवेशकों को चाहिए कि वे इस इवेंट के दौरान सतर्क रहें, लेकिन अपने दीर्घकालिक निवेश निर्णय केवल इसी आधार पर न लें।

(डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी पर आधारित है और निवेश के लिए सलाह नहीं देता है। निवेश से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से जानकारी अवश्य लें)