31 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

इंटरनेट के बिना होगा पेंमेंट; क्या है नया NFC आधारित ऑफलाइन UPI सिस्टम?

अब इंटरनेट नहीं होने पर भी भुगतान हो सकेगा। यह भुगतान सिर्फ टैप करते ही हो जाएगा। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने UPI यूजर्स के लिए इंटरनेट के बिना ऑफलाइन तरीके से भुगतान करने की तैयारी की है।
3 min read
Google source verification

भारत

image

Vinay Shakya

Aug 31, 2026

NFC based offline UPI payment system

सांकेतिक इमेज (सोर्स -Chatgpt)

भारत में डिजिटल भुगतान का भविष्य अब और भी भरोसेमंद और सुविधाजनक होता जा रहा है। अब नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने UPI यूजर्स के लिए इंटरनेट के बिना ऑफलाइन तरीके से भुगतान (Payment through Offline Mode) करने की तैयारी की है। NPCI के इस नए ‘Tap to Pay’ ऑफलाइन फीचर से इंटरनेट के बिना आसानी से भुगतान होगा। इस फीचर के जरिए यूजर्स बिना इंटरनेट कनेक्शन के अपने NFC-सपोर्टेड स्मार्टफोन को POS मशीन पर टैप करके पेमेंट कर सकेंगे। यह सुविधा खासकर कम नेटवर्क वाले इलाकों, फ्लाइट्स, अंडरग्राउंड मेट्रो और दूरदराज के क्षेत्रों के लिए गेम-चेंजर साबित होगी।

क्या है NFC तकनीकी?

NPCI का ‘Tap to Pay’ ऑफलाइन UPI फीचर NFC तकनीकी पर काम करेगा। यह नई सुविधा NFC (Near Field Communication) पर कार्य करेगी। नए ‘Tap to Pay’ ऑफलाइन UPI फीचर से यूजर्स को QR कोड स्कैन करने या इंटरनेट चालू रखने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी। यदि स्मार्टफोन में NFC सपोर्ट है और UPI Lite वॉलेट में बैलेंस उपलब्ध है, तो फोन को प्रमाणित POS टर्मिनल पर टैप करना पर्याप्त होगा।

UPI Lite X: NFC के जरिए भुगतान

UPI Lite X एक ऑन-डिवाइस वॉलेट है, जिसे उपयोगकर्ता इंटरनेट कनेक्शन के बिना भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें उपयोगकर्ता पहले इंटरनेट से जुड़े होने पर अपने बैंक खाते से पैसे UPI Lite वॉलेट में लोड करता है। इसके बाद, NFC-सक्षम फोन और रिसीवर के बीच टैप एंड पे के माध्यम से भुगतान हो जाता है। बिना UPI पिन या इंटरनेट के। यह सुविधा एंड्रॉयड फोन पर उपलब्ध है और प्रति लेनदेन ₹500 तक की सीमा है, जबकि कुल बैलेंस ₹2,000 तक रखा जा सकता है। जब उपयोगकर्ता ऑफलाइन लेनदेन करता है, तो लेनदेन का विवरण और बैलेंस अपडेट तब होता है, जब फोन इंटरनेट से जुड़ता है।

कैसे काम करेगा ‘Tap to Pay’ ऑफलाइन UPI?

  • ऑफलाइन पेमेंट का लाभ लेने के लिए यूजर्स को पहले UPI Lite वॉलेट में पैसे ऐड करने होंगे।
  • वॉलेट में पैसे ऐड होने के बाद दुकानदार की POS मशीन पर NFC-सपोर्टेड फोन से टच करना होगा।
  • POS मशीन से फोन को टच करते ही पेमेंट हो जाएगा।
  • टैप के समय पेमेंट की जानकारी टर्मिनल में स्टोर हो जाएगी। जब फोन या मशीन इंटरनेट से जुड़ेगी, तब ट्रांजैक्शन बैंक तक पहुंचकर पूरा हो जाएगा।
  • Tap to Pay ऑफलाइन UPI फीचर में पिन डालने की जरूरत नहीं होगी।

नए फीचर की पेमेंट लिमिट

नए फीचर में पेमेंट को सुरक्षित करने के लिए NPCI ने सिक्योरिटी फीचर को प्राथमिकता दी है। NPCI ने इस ऑफलाइन पेमेंट सिस्टम की अधिकतम सीमा ₹2,000 तय की है। फिलहाल, ऑफलाइन पेमेंट की सीमा ₹500 तक ही है, जिसे बढ़ाकर ₹2,000 करने की योजना है। NPCI प्रति ट्रांजैक्शन और दैनिक लिमिट दोनों पर नजर रखेगा। UPI Lite पहले से ही छोटे मूल्य के ट्रांजैक्शन के लिए सुरक्षित माना जाता है। NPCI और RBI की सख्त गाइडलाइंस के तहत फ्रॉड को रोकने के लिए मल्टी-लेयर सिक्योरिटी, टोकनाइजेशन और रियल-टाइम मॉनिटरिंग का इस्तेमाल किया जाएगा।

नए फीचर के फायदे

  • सुविधा और भरोसा: अब नेटवर्क की चिंता किए बिना भुगतान किया जा सकता है।
  • समय की बचत: टैप एंड पे से भुगतान तेज और सहज होता है।
  • सुरक्षा: UPI Lite X में पिन की आवश्यकता नहीं होती, जबकि नया सिस्टम टोकन आधारित सुरक्षा प्रदान करता है।
  • सीमाएं: UPI Lite X में ₹500 प्रति लेनदेन और ₹2,000 कुल बैलेंस की सीमा है; नया सिस्टम ₹2,000 तक की सीमा रख सकता है।
  • PoS प्रमाणन: नया सिस्टम तभी कार्य करेगा जब व्यापारी की मशीन NPCI द्वारा प्रमाणित हो।

किसे होगा फायदा?

ऑफलाइन 'Tap to Pay' फीचर आने से यूजर को पेमेंट करने में आसानी होगी। खासकर कम इंटरनेट स्पीड और कमजोर नेटवर्क वाले क्षेत्रों में यूजर को फायदा होगा। कई क्रेडिट-डेबिट कार्ड कंपनियां हवाई यात्रा के दौरान पेमेंट पर पाबंदी लगाती हैं। ऑफलाइन UPI इसका बेहतरीन विकल्प बनेगा। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता जैसे शहरो में अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशनों पर सिग्नल कमजोर होता है। ऐसी स्थिति में ऑफलाइन UPI का बड़ा फायदा होगा। इसके अलावा ट्रेन में लंबी यात्राओं के दौरान कैशलेस पेमेंट करना आसान होगा। भारत में करोड़ों NFC-सपोर्टेड स्मार्टफोन पहले से मौजूद हैं। इस फीचर के साथ छोटे दुकानदारों, स्ट्रीट वेंडर्स और छोटे व्यापारियों को भी बड़ा फायदा पहुंचेगा, क्योंकि उन्हें हमेशा ऑनलाइन रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी।