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क्या 2030 तक AI के कारण दुनिया खत्म हो जाएगी? जानिए डोनाल्ड ट्रंप से लेकर माइक्रोसॉफ्ट, एंथ्रोपिक, OpenAI और Nvidia के तर्क

आज के समय में पूरी दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से भविष्य में होने वाले खतरे को लेकर चर्चा हो रही है। ऐसे समय में दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों में शामिल एनवीडिया (Nvidia) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जेन्सेन हुआंग ने AI के खतरे पर अपनी बात रखी है।
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भारत

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Vinay Shakya

Sep 19, 2026

AI threatens the world

सांकेतिक इमेज (सोर्स- Chatgpt)

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी से बढ़ता दायरा और इसके अनियंत्रित होने का खतरा मानवता के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। आज के समय में पूरी दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से भविष्य में होने वाले खतरे को लेकर चर्चा हो रही है। ऐसे समय में दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों में शामिल एनवीडिया (Nvidia) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जेन्सेन हुआंग ने AI के खतरे को लेकर अपनी बात रखी है।

क्या 2030 तक विनाशकारी होगा AI?

एनवीडिया (Nvidia) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जेन्सेन हुआंग ने उन आशंकाओं को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा है कि AI वर्ष 2030 तक दुनिया के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है। जेन्सेन हुआंग ने कहा कि ऐसी किसी स्थिति के पैदा होने की संभावना 'जीरो प्रतिशत' है। इसका मलतब है कि वर्ष 2030 तक AI, दुनिया के लिए विनाशकारी साबित होने जैसी कोई बात नहीं है।

AI से दुनिया खत्म होने की भविष्यवाणी तर्कहीन

CBS न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में जेन्सेन हुआंग ने कहा कि AI के कारण दुनिया के खत्म होने जैसी भविष्यवाणी तर्कहीन हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसी चेतावनियों के पीछे राजनीतिक, व्यावसायिक या सिर्फ ध्यान आकर्षित करने की मंशा हो सकती है? हुआंग ने कंपनियों से AI के विकास की गति तेज करने का आह्वान किया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उत्पादों की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारी बनाए रखना जरूरी है।

जेन्सेन हुआंग ने कहा कि कंपनियों को ऐसे AI सिस्टम जारी नहीं करने चाहिए, जो पूरी तरह तैयार या सुरक्षित न हों। Nvidia केCEO की टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब प्रौद्योगिकी जगत के कई अन्य नेताओं ने अधिक शक्तिशाली AI प्रणालियों के विकास की रफ्तार को नियंत्रित करने और सुरक्षा उपायों को मजबूत बनाने की वकालत की है।

AI की रफ्तार पर लगाम और सुरक्षा की मांग

हाल के दिनों में एंथ्रोपिक के सीईओ दारियो अमोदेई, ओपनएआई (OpenAI) के प्रमुख सैम ऑल्टमैन और अन्य तकनीकी विशेषज्ञों ने उन्नत AI प्रणालियों को लेकर अधिक सख्त सुरक्षा उपायों की मांग की थी। अब जेन्सेन हुआंग ने कहा है कि उद्योग को AI का विकास इस तरह करना चाहिए, जिससे अमेरिका की समृद्धि को बढ़ावा मिले और साथ ही उत्पादों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।

जेन्सेन हुआंग ने इस सप्ताह की शुरुआत में सेल्सफोर्स ड्रीमफोर्स सम्मेलन में भी इसी तरह के विचार व्यक्त किए थे। वहां उन्होंने AI के लिए अलग से नए कानून बनाने का विरोध किया और कहा कि सुरक्षा सुनिश्चित करना मुख्य रूप से प्रत्येक कंपनी की इंजीनियरिंग और विकास प्रक्रिया की जिम्मेदारी है।

हाल ही में लॉस एंजिलिस में आयोजित ऑल-इन समिट में हुआंग को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक अप्रत्याशित फोन कॉल भी प्राप्त हुआ। ट्रंप ने उपस्थित लोगों से कहा कि रोबोट दुनिया पर कब्जा नहीं करने जा रहे हैं। ट्रंप ने इस पूरे विवाद को एक 'झांसा' बताया। इसी बीच, अमेरिकी प्रशासन ने हाल ही में संघीय एजेंसियों को एआई क्षेत्र में अमेरिकी नेतृत्व के रास्ते में आने वाली बाधाओं को हटाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की एआई एक्शन प्लान में तेज नवाचार और कम नियामकीय प्रतिबंधों पर जोर दिया गया है।

माइक्रोसॉफ्ट के CEO सत्या नडेला की टिप्पणी

माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने इस सप्ताह में कहा- उन्नत एआई का विकास इस सिद्धांत पर आधारित होना चाहिए कि यह मानवता की मदद करे और हमेशा मानव नियंत्रण में बना रहे। नडेला ने भी AI विकास में संतुलित और सोच-समझकर आगे बढ़ने की आवश्यकता पर बल दिया था। वहीं, सितंबर की शुरुआत में एंथ्रोपिक के सीईओ दारियो अमोदेई ने चेतावनी दी थी कि AI की प्रगति उसे समझने और नियंत्रित करने के प्रयासों से तेज हो सकती है।

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