
सांकेतिक इमेज (सोर्स- Chatgpt)
व्हाट्सएप का इस्तेमाल आम बातचीत से लेकर बड़े पैमाने पर जरूरी जानकारी शेयर करने और दस्तावेज साझा करने के लिए होता है। साइबर ठग इसी का फायदा उठाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। साइबर ठग अक्सर OTP मांगकर या फर्जी लिंक भेजकर लोगों से ऑनलाइन ठगी करते थे। लेकिन अब साइबर ठगों ने WhatsApp का इस्तेमाल करके लोगों को चूना लगाने का नया तरीका निकाला है।
अब साइबर ठग, बैंक खाते से पैसे कटने का डर दिखाकर लोगों को जाल में फंसा रहे हैं। इस तरीके में अंजान नंबर से व्हाट्सएप पर मैसेज भेजा जाता है। इसमें दावा किया जाता है कि आपके बैंक खाते से पैसे कट गए हैं। इसके बाद कहा जाता है कि अगर आपने यह ट्रांजैक्शन नहीं किया है, तो तुरंत NO लिखकर जवाब दें। अचानक खाते से पैसे कटने की बात पढ़कर लोग घबरा सकते हैं और बिना जांच-पड़ताल किए ही जवाब में No लिख देते हैं। हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर ने ऐसे कथित WhatsApp बैंकिंग स्कैम को लेकर लोगों को सावधान किया है। उन्होंने एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के साथ लाखों रुपये की ठगी का भी जिक्र किया है।
साइबर ठग किसी अनजान या विदेशी नंबर से व्हाट्सएप पर मैसेज भेजते हैं। मैसेज में कहा जाता है कि आपके बैंक खाते से कोई ट्रांजैक्शन हुआ है और पैसे कट गए हैं। इसके बाद आपसे कहा जाता है कि अगर आपने यह भुगतान नहीं किया है, तो तुरंत NO लिखकर जवाब दें। इस तरह के मैसेज का मकसद लोगों के मन में डर और जल्दबाजी पैदा करना हो सकता है। खाते से पैसे कटने की बात सुनकर कोई भी व्यक्ति तुरंत प्रतिक्रिया देना चाहेगा। ठग इसी घबराहट का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। जब प्रतिक्रिया में व्हाट्सएप यूजर NO लिख देता है तो उसके बैंक खाते से पैसे वास्तम में कट जाते हैं। हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर ने इस कथित तरीके को ऑटो-एक्जीक्यूशन फाइल अटैक बताया है। हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर ने ऐसे स्कैम से सावधान रहने को कहा है।
पुलिस की ओर से जारी अलर्ट में कहा गया है कि इस तरह के मैसेज का जवाब देने से साइबर अपराधी फोन या बैंक खाते तक पहुंच बना सकते हैं। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में इस प्रक्रिया की तकनीकी जानकारी स्पष्ट नहीं हुई है। दूसरी ओर, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने WhatsApp, SMS और ईमेल के जरिए संदिग्ध फाइलें भेजकर किए जाने वाले साइबर हमलों को लेकर आधिकारिक चेतावनी जारी की है।
गृह मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, ठग Statement of Account.zip, RBI.zip या MCA.zip जैसे नाम वाली फाइलें भेज सकते हैं। ऐसी जिप फाइल के भीतर नुकसान पहुंचाने वाली EXE और DLL फाइलें हो सकती हैं। इन्हें डाउनलोड करके खोलने या चलाने पर विंडोज कंप्यूटर में मैलवेयर इंस्टॉल हो सकता है और WhatsApp Web से जुड़े अकाउंट का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए यह समझना जरूरी है कि अनजान नंबर से आए बैंकिंग मैसेज पर भरोसा नहीं करना चाहिए। किसी संदिग्ध फाइल को डाउनलोड करके खोलना या उसके भीतर मौजूद प्रोग्राम चलाना गंभीर साइबर सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकता है।
मैसेज का जवाब न दें: अगर किसी अंजान नंबर से बैंक खाते से पैसे कटने का मैसेज आता है, तो घबराकर YES या NO न लिखें। पहले खाते की स्थिति की जांच करें।
बैंक का आधिकारिक एप खोलें: अपने बैंक के मोबाइल एप या इंटरनेट बैंकिंग के जरिए बैलेंस और हाल के ट्रांजैक्शन चेक करें। मैसेज में दिए गए किसी लिंक से बैंक की वेबसाइट खोलने से बचें।
संदिग्ध नंबर को ब्लॉक और रिपोर्ट करें: अगर मैसेज फर्जी या संदिग्ध लगता है, तो व्हाट्सएप पर संबंधित नंबर को ब्लॉक और रिपोर्ट कर सकते हैं।
मैसेज का स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें: भेजने वाले नंबर, मैसेज और समय का स्क्रीनशॉट रख लें। शिकायत करते समय ये जानकारियां उपयोगी हो सकती हैं।
अंजान फाइल डाउनलोड या ओपन न करें: किसी अनजान व्यक्ति की ओर से भेजी गई ZIP, EXE या DLL फाइल डाउनलोड करके न खोलें। खासकर बैंक स्टेटमेंट या सरकारी दस्तावेज के नाम पर भेजी गई फाइलों को लेकर सतर्क रहें। I4C ने ऐसी संदिग्ध फाइलों से दूर रहने की सलाह दी है।
अगर आपको पता चलता है कि खाते से आपकी जानकारी के बिना पैसे कटे हैं, तो तुरंत अपने बैंक के आधिकारिक कस्टमर केयर नंबर पर संपर्क करें और ट्रांजैक्शन की जानकारी दें। साइबर ठगी की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर की जा सकती है। इसके अलावा, सरकारी पोर्टल ww.cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
Updated on:
15 Oct 2026 05:24 pm
Published on:
15 Oct 2026 05:24 pm
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