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पश्चिम एशिया संघर्ष में 23 भारतीयों की मौत, विदेश मंत्रालय ने नाविकों की सुरक्षा पर जताई चिंता

भारतीय विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच देश के नाविकों की सुरक्षा को लेकर च‍िंता जताई है। पश्चिम एशिया संघर्ष के चलते अब तक 23 भारतीयों की मौत हो चुकी है।
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भारत

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Vinay Shakya

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Updated: 3 Nov 2026, 9:43 PM IST

west asia conflict

सांकेतिक इमेज (सोर्स- Chatgpt)

भारतीय विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच देश के नाविकों की सुरक्षा को लेकर च‍िंता जताई है। नई दिल्ली में मंगलवार को एक साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया क‍ि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के दौरान अब तक 23 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है, जिनमें 15 भारतीय नाविक (सीफेयरर्स) शामिल हैं। वहीं, ब्लैक सी (काला सागर) क्षेत्र में व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों में 5 भारतीय नागरिकों की जान गई है।

सोमवार को जहाज पर हुआ हमला

रणधीर जायसवाल ने बताया कि सोमवार को एक जहाज पर हुए हमले में, जिसमें 14 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। उनमे एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई। रणधीर जायसवाल ने 2 नवंबर को जहाज पर हुए हमले के बाद 13 भारतीयों को सुरक्षित बचाने के लिए ओमान की सरकार का धन्यवाद भी किया।

अब तक 23 भारतीय नागरिकों की मौत

पश्चिम एशिया में मारे गए भारतीयों की संख्या के बारे में जायसवाल ने कहा- पिछली बार मैंने बताया था कि इस संघर्ष में 22 भारतीय नागरिकों की मौत हुई थी। इनमें 14 भारतीय नाविक थे। अब कल 1 और भारतीय नागरिक की मौत हो गई है। इसका मतलब है कि अब तक इस संघर्ष में 23 भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है, जिनमें 15 भारतीय नाविक शामिल हैं।

जायसवाल ने कहा कि बचाए गए 13 भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द भारत वापस लाने की प्रक्रिया चल रही है। साथ ही, ओमान के तट के पास जहाज पर हुए हमले में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिक के पार्थिव शरीर को भी भारत लाने की व्यवस्था की जा रही है।

भारतीय जहाज पर हमला

जायसवाल ने कहा- कल एक भारतीय जहाज पर हमला हुआ था। हमने इस बारे में बयान जारी किया है। जहाज पर 14 भारतीय चालक दल के सदस्य थे। दुर्भाग्य से उनमें से एक की मौत हो गई। अब हम यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि बाकी 13 भारतीय नागरिक सुरक्षित रूप से भारत लौट सकें। साथ ही हम यह भी देख रहे हैं कि मृत भारतीय नागरिक के पार्थिव शरीर को कब और कैसे भारत लाया जाए। विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर क्षेत्र में जल्द शांति बहाल करने के लिए बातचीत और कूटनीति का सहारा लेने की अपील की।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हम ओमान की सरकार का धन्यवाद करते हैं, जिसने तेजी से कार्रवाई करते हुए जहाज पर हुए हमले के बाद 13 भारतीय नागरिकों को बचा लिया। हम एक बार फिर सभी पक्षों से अपील करते हैं कि बातचीत और कूटनीति के रास्ते को आगे बढ़ाया जाए ताकि क्षेत्र में जल्द शांति लौट सके। साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता को बहाल और सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

ब्लैक सी 5 भारतीयों की मौत

ब्लैक सी क्षेत्र में व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों के बारे में पूछे जाने पर जायसवाल ने बताया कि वहां अब तक 5 भारतीय नागरिकों की मौत हुई है और 2 भारतीय अभी भी लापता हैं। इससे पहले मंगलवार को भारत ने ओमान के लीमाह क्षेत्र के पास व्यावसायिक जहाज 'एमएसवी अल जुसुफी' पर हुए हमले की कड़ी निंदा की थी। इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई थी। भारत ने साथ ही क्षेत्र में तनाव कम करने की अपील भी दोहराई।

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि हम कल शाम ओमान के लीमाह के पास व्यावसायिक जहाज 'एमएसवी अल जुसुफी' पर हुए हमले की निंदा करते हैं। जहाज पर सवार 14 भारतीयों में से 13 को बचा लिया गया, जबकि एक भारतीय नागरिक की चोटों के कारण दुखद मृत्यु हो गई।

हम इस अपूरणीय क्षति पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। ओमान स्थित भारतीय दूतावास हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और बचाए गए भारतीय नागरिकों तथा मृतक के पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने के लिए ओमान की सरकार के साथ समन्वय कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने क्षेत्र में व्यावसायिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों पर चिंता जताई और तनाव को तुरंत कम करने तथा कूटनीतिक समाधान के लिए चल रही बातचीत को जल्द पूरा करने की अपील की।

मंत्रालय ने कहा- क्षेत्र में व्यावसायिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं। हम एक बार फिर तनाव को तुरंत कम करने और कूटनीतिक समाधान के लिए चल रही वार्ताओं को जल्द पूरा करने की अपील करते हैं, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता वापस आ सके। व्यावसायिक जहाजों और आम नागरिकों से जुड़े ढांचे को निशाना बनाना बंद होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप समुद्री मार्गों पर बिना किसी रुकावट के आवाजाही और व्यापार को जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए।