21 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अलवर हत्याकांड मामला : इन कातिल निगाहों ने छीनी पांच जिंदगियां

संतोष ने अपने प्रेमी व भाड़े के दो हत्यारों की मदद से पति व बच्चों की हत्या की। पहले उसने पति व बच्चों को रायते में नींद की गोलियां खिलाई।

4 min read
Google source verification

अलवर

image

aniket soni

Oct 07, 2017

Beautiful woman has shot five lives

जिला पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश ने बताया कि संतोष उर्फ संध्या ताइक्वांडो की खिलाड़ी थी। उसके बड़ौदामेव होली चौक भट्टपुरा रोड निवासी हनुमान प्रसाद जाट उर्फ जैक (२५) पुत्र प्रेमसिंह से मित्रता थी, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। दोनों के रिश्ते का पति व बड़े बेटे को पता चलने पर वे एतराज जताने लगे। उनके बीच घर में रोज-रोज झगड़ा भी होने लगा। संतोष हनुमान से शादी करना चाहती थी, साथ ही वह इस रिश्ते में कोई अवरोध भी नहीं चाहती थी।

Beautiful woman has shot five lives

इसके लिए उसने पति व बच्चों को रास्ते से हटाने की साजिश रची। पहले तो हनुमान ने मना किया लेकिन बाद में उसने अपने जानने वाले एक आपराधिक प्रवृत्ति के गुजुकी मालाखेड़ा निवासी कपिल पुत्र बनवारीलाल धोबी से सम्पर्क किया। दोनों के बीच पैसे में हत्या का सौदा तय हुआ। कपिल ने साजिश में अपने रिश्तेदार डीग के धोबी मोड पाण्डव मोहल्ला निवासी दीपक उर्फ बगुला पुत्र मांगेलाल को भी शामिल कर लिया। पूरी तैयारी होने के बाद हनुमान ने बाजार से दो चाकू खरीदे। २ अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन हनुमान अपने दोनों साथियों के साथ अलवर आया। यहां उसने अपराध को छिपाने के लिए एक दुकान से तीन जोड़ी दस्ताने खरीदे।

Beautiful woman has shot five lives

उधर, संतोष ने अपने पति व बच्चों को खाने के साथ बनाए रायते में नींद की गोलियां पीसकर खिला दी। रात करीब १०.३० बजे हनुमान अपने दोनों साथियों के साथ रेकी करने संतोष के घर के समीप पहुंचा, संतोष घर की छत पर खड़ी थी। दोनों के बीच आंखों-आंखों में बाद में आने का इशारा हुआ। इसके बाद हनुमान वहां से चला गया।

Beautiful woman has shot five lives

रात करीब एक बजे वे ऑटो रिक्शा से फिर से संतोष के घर पहुंचे। संतोष फिर उसे छत पर इंतजार करती मिली। पूर्व नियोजित योजना के अनुसार उसने घर की कुंडी भी खुली रखी हुई थी। संतोष का इशारा मिलते ही हनुमान व उसके साथी घर के भीतर पहुंचे और कमरे में सो रहे उसके पति व बच्चों पर ताबड़तोड़ चाकूओं से वार करना शुरू कर दिया। उन्होंने बनवारी सहित बच्चे मोहित, हैप्पी, अज्जू व नितिन का गला काट हत्या कर दी।

Beautiful woman has shot five lives

संतोष नेे कराई पहचान हत्या से पहले संतोष ने हनुमान व उसके साथियों की कमरे में सो रहे उसके पति व बच्चों की पहचान कराई। इसके लिए उसने कमरे में लगा जीरो वॉट का बल्व भी जलाया। इसके बाद हनुमान ने सबसे पहले उसके पति बनवारी की हत्या की। उसके बाद बड़े बेटे मोहित उर्फ अमन को मौत के घाट उतारा। वहीं, उसके साथ आए हत्यारों ने जमीन पर सो रहे संतोष के दो बच्चों सहित उसकी बहन के बच्चे की निर्मम हत्या कर दी।

Beautiful woman has shot five lives

इसके बाद आरोपित संतोष से स्कूटी की चाबी लेकर फरार हो गए। पुलिस ने शनिवार को मामले में बनवारी उर्फ बबली शर्मा की पत्नी संतोष उर्फ संध्या, उसके प्रेमी हनुमान सहित हत्या में उसके साथी रहे मालाखेड़ा निवासी कपिल व डीग भरतपुर निवासी दीपक को गिरफ्तार कर लिया। गौरतलब है कि दीपक कपिल का रिश्तेदार है और उसके ही घर पर रहता था।

Beautiful woman has shot five lives

बड़ा बेटा जागा तो उसे खंजर घोंपा पुलिस ने बताया कि संतोष के बड़े बेटे मोहित की २ अक्टूबर को तबीयत खराब थी। इसके चलते उसने खाना नहीं खाया। बनवारी की हत्या के दौरान उसकी नींद खुल गई। उसे जागा देख हनुमान उस पर टूट पड़ा। मोहित ने हत्या से पूर्व कुछ विरोध भी जताया। इसके चलते हत्यारों ने उस पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। एक चाकू उसके हाथ में भी लगा।

Beautiful woman has shot five lives

पैर पर पैर पड़ा तो मारना पड़ा बहन का बेटा पुलिस ने बताया कि बनवारी व उसके बड़े बेटे की हत्या के बाद जब हनुमान पलंग से नीचे उतरा तो हड़बड़ाहट में उसका पैर जमीन पर सो रहे संतोष की बहन व देवरानी के बेटे के पैर पर पड़ गया। इससे वह जाग गया। हनुमान के साथियों ने उसे दबोच लिया और गर्दन पर ताबड़तोड़ चाकूओं से वार कर हत्या कर दी।

Beautiful woman has shot five lives

...और मुकरती रही संतोष पुलिस पूछताछ में संतोष अंत तक वारदात में अपनी संलिप्तता से मुकरती रही। बाद में जब पुलिस ने हनुमान को उसके सामने किया तो वह टूट गई। भेद खुलते ही वारदात के पत्ते खुलते चले गए। पुलिस के अनुसार संतोष महत्वकांक्षी थी। उसके शौक काफी बड़े थे, जिनकी पूर्ति करना बनवारी के बस से बाहर था। इसके कारण वह बनवारी को पसन्द नहीं करती थी और हमेशा उसे नीचा दिखाने के प्रयास में रहती थी।