
अलवर के समीप जंगल में बकरियां चराने आया व्यक्ति थकने के बाद वहीं सो गया।

जंगल में आराम फरमाता बकरियां चराने आया व्यक्ति।

इस दौरान वह करवटें भी बदलता रहा।

बकरियों को चरने के लिए छोड़ आराम करता व्यक्ति।

जंगल में अपने हाथ से ओट लगाकर सोता बकरियों का मालिक।