
बांसवाड़ा. आसमां में पतंगें यानी एकाएक जेहन में काटा वो काटा को शोर कौंधता है, लेकिन ये पतंगे संदेश वाहक की भूमिका भी अदा करेंगी। निर्माताओं ने पंतंगों में समाज के लिए उपयोगी पैगाम उकेरें हैं तो देश और विदेश की हस्तियों और उनके रुतबे को भी झलकाया है। इस बार प्रधानमंत्री मोदी इन पंतगों में खूब छाये हुए हैं। उन्हें कहीं अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ दिखाया है तो कहीं वे यूपी के मुख्यमंत्री योगी के साथ हैं। एक पतंग में उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को दिखाया गया है और सवाल दागा गया है कि किसमें कितना है दम। बांसवाड़ा के बाजार ऐसी पतंगों से भरे हुए हैं बस अब इनकी आकाश में उड़ान का इंतजार है। -फोटो संजय सिंह कुशवाह।

मकर संक्रांति के लिए बाजार सज-धज कर तैयार हंै। इस बार तरह-तरह की पतंगें युवाओं को खासा आकर्षित कर रही हैं। गुजरात का चुनावी रंग भी पतंगों पर छाया हुआ है। इस बार ‘मोदी’ खास पसंद बने हुए हैं। मोदी पतंगों पर कहीं योगी के साथ जुगलबंदी कर रहे हैं तो कहीं ‘राहुल’ संग किसमें कितना है दम को लेकर जोरआजमाइश की तैयारी है।

इतना ही नहीं बाजार में इस बार उपलब्ध पतंगें संदेशात्मक है। बेटी बचाओ और तिरंगे के रंगों से सजी पतंगों की भी खूब मांग है। पतंग विक्रेताओं ने बताया कि पतंगें गुजरात के सूरत से मंगवाई गईं हैं। इस कारण चुनावी रंग है।

चायनीज मांझे पर नकेल के बाद अधिकांश विक्रेता बरेली की डोर ही बेच रहे हैं। पतंगों का साइज भी अलग-अलग है। छोटी से लेकर बड़े आकार के साथ ही बाज, तिरंगा व अन्य रूपों में भी पतंगें उपलब्ध हैं।

इधर, बच्चों व युवाओं की टोली का छत पर शोर भी गंूजने लगा है। मौज मस्ती के बीच सावधानी जरूरी है। बिन मुंडेर की छत पर बच्चों को न जाने दें और खतरनाक मांझों से भी बच्चों को दूर रखें। साथ ही पतंग कटने के बाद सडक़ों पर डोर भी आ गिरती है। ऐसे में दुपहिया वाहन सवार सावधानी बरतें और बच्चों को आगे न बैठाएं। पक्षियों को ध्यान में रख पतंगबाजी करें।