
प्रवासी श्रमिकों की भूख शांत करने रोजाना सैकड़ों फूड पैकेट लेकर निकल जाते हैं अपनी टीम के साथ नेशनल हाइवे की ओर पत्नी और बेटे दो हजार किमी दूर फंसे, यहां श्रमिकों की सहायता में जुटे हैं पति

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