
बीकानेर में महावीर जयंती के चलते सोमवार को शराब की दुकानों को बंद रखा गया था, लेकिन दुकानदारों ने इसकी भी काट खोज ली। चोरी-छिपे जुगाड़ से बिक्री चलती रही और ग्राहक दुकानों से शराब खरीदते रहे। दरअसल, पत्रिका टीम ने जब पड़ताल की, तो शहर में कई जगहों पर ‘होल’ यानी लगभग छह इंची से भी ज्यादा व्यास के छेद से शराब बिक्री का खेल देख कैमरे की आंखें भी खुली की खुली रह गईं। चित्र में सादुलसिंह सर्कल व बस स्टैंड के पास दुकानों में बने ऐसे ही छिद्रों से शराब की बिक्री को कैमरे में कैद किया फोटो जर्नलिस्ट नौशाद अली ने।

बीकानेर में महावीर जयंती के चलते सोमवार को शराब की दुकानों को बंद रखा गया था, लेकिन दुकानदारों ने इसकी भी काट खोज ली। चोरी-छिपे जुगाड़ से बिक्री चलती रही और ग्राहक दुकानों से शराब खरीदते रहे। दरअसल, पत्रिका टीम ने जब पड़ताल की, तो शहर में कई जगहों पर ‘होल’ यानी लगभग छह इंची से भी ज्यादा व्यास के छेद से शराब बिक्री का खेल देख कैमरे की आंखें भी खुली की खुली रह गईं। चित्र में सादुलसिंह सर्कल व बस स्टैंड के पास दुकानों में बने ऐसे ही छिद्रों से शराब की बिक्री को कैमरे में कैद किया फोटो जर्नलिस्ट नौशाद अली ने।

बीकानेर में महावीर जयंती के चलते सोमवार को शराब की दुकानों को बंद रखा गया था, लेकिन दुकानदारों ने इसकी भी काट खोज ली। चोरी-छिपे जुगाड़ से बिक्री चलती रही और ग्राहक दुकानों से शराब खरीदते रहे। दरअसल, पत्रिका टीम ने जब पड़ताल की, तो शहर में कई जगहों पर ‘होल’ यानी लगभग छह इंची से भी ज्यादा व्यास के छेद से शराब बिक्री का खेल देख कैमरे की आंखें भी खुली की खुली रह गईं। चित्र में सादुलसिंह सर्कल व बस स्टैंड के पास दुकानों में बने ऐसे ही छिद्रों से शराब की बिक्री को कैमरे में कैद किया फोटो जर्नलिस्ट नौशाद अली ने।