
शिवलिंग रूप में होती है गुरु ग्रह की पूजा सावन और गुरुवार के योग में शिवलिंग पर बेसन के लड्डू का भोग लगाएं। पीले फूल और चने की दाल चढ़ाएं।

सावन के सोमवारों का खास महत्व होता है इस दिन राशि के अनुसार शिव जी की पूजा करने के विशेष लाभ मिलता है।

सोमवार को शिवलिंग से चंदन का लेप करना चाहिए। शिव जी को बिल्व पत्र चढ़ाएं और माखन.- मश्री का भोग लगाएं इससे भोलेनाथ की कृपा बरसेगी।

सफेद फूलों से शिवलिंग का श्रृंगार करें और मौसमी फलों का भोग लगाएंण्।

गुरु ग्रह के दोष दूर करने के लिए शिवलिंग का पीले फूलों से श्रृंगार करना चाहिए।

पूजन में चंदन, रोली शृंगार में चावल, काले तिल, जनेऊ, बेलपत्र, फूल माला, वस्त्र आदि शामिल होते हैं।

पंच मेवा शृंगार में बादाम, काजू, छुवारा, मखाना, किशमिश शामिल होती है।

भांग शृंगार में भोले नाथ के स्वरूप का शृंगार भांग से किया जाता है

हवन की सामग्री में गूगल, अबीर, जतामशी, धूप, जौ आदि से बनाई जाती है।फलो का शृंगार - इसमें पांच प्रकार के फल शामिल होते हैं। ,