जार-जार हो गई गजरा की यादें, बदहाल हो रहा मकबरा …. देखें तस्वीरों में
धौलपुर शहर में स्थित नृसिंह बाग (आज का महाराणा स्कूल) में धौलपुर रियासत के दूसरे जाट नरेश राना भगवंत सिंह ने अपने शासनकाल 1836 से 18 71 के दौरान धौलपुर राज्य की प्रसिद्ध नर्तकी ‘गजरा’ की याद में सफेद और लाल पत्थर से मकबरे का निर्माण कराया। राजस्थान के प्रसिद्ध इतिहासकार श्यामल दास ने अपनी पुस्तक वीर विनोद में एक अध्याय ‘धौलपुर के अहद नामे’ में भी गजरा का जिक्र किया है। जब इस मकबरे का काम अपने अंतिम चरण में था तो किन्हीं कारणों से कार्य रुकवा दिया। जिससे इस मकबरे का गुम्बद नहीं बन पाया और यह धौलपुर का ताजमहल गुम्बद के अभाव में अधूरा रह गया।