
मां हमारी सबसे पहली शिक्षक होती हैं, बचपन से ही उनकी दी हुई सीख हमारी जिंदगी को सुगम बनाती चली जाती है लेकिन वक्त बीतने के साथ ऐसा क्यों होने लगता है कि मां के पास बैठने, उनके साथ बात करने और उनके अनुभवों से कुछ सीखने का समय ही नहीं मिलता। खासकर जिंदगी के उन पलों में भी हम मां से खुलकर बात नहीं कर पाते, जब हमें मां के अनुभवों की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। ऐसे में मां की बात को हर उम्र में ध्यान से सुनना चाहिए। उनकी जिंदगी हमारे लिए पे्ररणादायी होती हैं। वो हमें हमसे ज्यादा समझती हैं। मां ही हैं, जो हर उलझन को सुलझा सकती हैं। सर्च इंजन की भूमिका में मां मां ने जीवन में हमसे दुगना अनुभव लिया है। वह जानती हैं कि बच्चों के लिए क्या सही है और क्या गलत। बच्चों को अक्सर इस बात का अंदाजा नहीं रहता कि उनकी अनुपस्थिति में मां क्या कर रही है लेकिन मां को यह अंदाजा रहता है कि उसका बच्चा क्या कर रहा होगा। वे अपने बच्चे के हर सवाल का जवाब बड़ी सहजता से देती हैं। यह कहना गलत नहीं होगा कि मां बच्चे के लिए एक सर्च इंजन की तरह है। जैसे आप सेलफोन से जानकारियां जुटाते हैं, उसी तरह मां से भी अपने जीवन से जुड़ी हर जानकारी पता कर सकते हैं।

मां को पता है कि क्या महत्वपूर्ण है मां को अच्छी तरह से पता होता है कि जिंदगी में क्या महत्वपूर्ण होता है और क्या नहीं। वे जीवन भर अपना समय और ऊर्जा, बिल्कुल सही जगह लगाती हैं। अपने परिवार को सबसे ज्यादा अहमियत देती हैं, ऐसे में जब भी आप जीवन में असमंजस की स्थिति में हों तो मां से सलाह जरूर लें। आपको अच्छी तरह जानने की वजह से वह सबसे अच्छा मार्ग बताएंगी। आप उनसे कॅरियर, ऑफिस और घर से जुड़ी परेशानियों को दूर करने का उपाय आसानी से जान सकते हैं। विकास के अवसर बताती हैं आप भले ही मां से बात करने में हिचकिचा जाएं लेकिन वो कभी भी नहीं हिचकिचाती। वो आपसे हर समय बात करने के लिए तैयार रहती हैं। यही नहीं, वे आपके कार्यों के पीछे के उद्देश्यों और भावनाओं को भी अच्छी तरह से जानती हैं, जो कई बार आपको खुद को पता नहीं होता। कई बार आप अपने कार्य के स्तर को गिरता हुआ देखते होंगे, उस स्थिति में भी मां से बात कीजिए। वह आपको विकास के अवसर बताएंगी।

आपकी नंबर वन प्रशंसक मां हमारी नंबर वन प्रशंसक होती हैं। वे बच्चों पर बहुत विश्वास करती हैं। मां की ओर से की गई प्रशंसा और विश्वास ही आपको हर चुनौती को पूरा करने की शक्ति देता है। कई बार मां सिखाने के लिए आलोचना भी करती हैं लेकिन उसे अच्छी तरह से समझना आपके विकास के लिए बहुत ज्यादा जरूरी है। मां आपकी सबसे बड़ी हितैषी होती हैं, वह आपको हमेशा ही सकारात्मकता की ओर ले जाएंगी। भगवान से जोड़ती हैं मां ही जो हैं, जो हमें भगवान से रिश्ता जोडऩा सिखाती हैं। वह हमारे जीवन को आध्यात्म से इतनी आसानी से जोड़ देती हैं कि हमें पता ही चलता कि हम कब भगवान को मानने लगते हैं। भगवान के प्रति यह विश्वास न सिर्फ आत्मविश्वास लाता है, बल्कि हमें सकारात्मक ऊर्जा भी देता है।