
शादी में सोने और चांदी के गहनों का अट्रैक्शन तो हमेशा से ही रहा है, लेकिन इन दिनों फू लों के गहनों का ट्रेंड भी जोर पकड़ रहा है। इसके चलते अब २५ से ३० हजार रुपए तक की ब्राइडल फ्लावर ज्वैलरी बनवाई जा रही है। मेहंदी, हल्दी और कॉकटेल पार्टीज में इस तरह की ज्वैलरी न्यू लुक देती है। एक जमाना था जब सिर्फ गुलाब और मोगरा ही यूज में लिया जाता है, लेकिन अब ऑर्किड और रजनीगंधा, जैसे फू लों का यूज भी बढ़ गया है। सिर्फ दुल्हन के लिए ही फूलों के आभूषण तैयार नहीं हो रहे, बल्कि रिलेटिव्ज भी फ्रे श ज्वैलरी पहनकर कर न्यू लुक एंजॉय कर रहे हैं।

सबकी पसंद बना फूलों का टियारा फ्लावर ज्वैलरी में भी फुल ज्वैलरी कलेक्शन देखने को मिलता है। इसमें मांग टीका, हथफूल, ईयरिंग, नेकलेस, कमरबंद, बाजू बंद, पायजेब, बैंगल्स और चोकर भी बनाए जा रहे हैं। साथ ही वेडिंग में होने वाली कॉकटेल्स पार्टी में फूलों का टियारा बेहद डिफरेंट लुक देता है। ज्वैलरी विक्रे ता दीपक चंदनानी बताते हैं कि जयपुर में ऑर्किड की फ्लावर ज्वैलरी को सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। शहर में ऑर्किड बैंकॉक से आते हैं और रजनीगंधा को कोलकाता से मंगवाया जाता है। चोकर्स न सिर्फ सोने और चांदी में देखने को मिल रहे हैं बल्कि सिटी गल्र्स फू लों के चोकर भी ट्राय कर रही हैं।

25 हजार तक की बन रही ज्वैलरी सेलेब्रिटीज को पहनते देख शहर की गल्र्स में भी फ्लावर ज्वैलरी का ट्रेंड बढ़ा है। यही वजह है कि इनकी मांग पहले से 50 फीसदी तक बढ़ गई है। फ्लावर ज्वैलरी डिजाइनर विनय चोपड़ा बताते हैं कोलकाता का मोती फूलों का बहुत ज्यादा इस्तेमाल होता है। यह बिल्कुल पर्ल की तरह दिखता है, जिससे ज्वैलरी को अलग डिजाइन मिलती है। वेडिंग में ये ज्वैलरी सबसे ज्यादा चलती है। वहीं शहर में होने वाली सेलेब्रिटी मैरिज में तो हम 25 से 30 हजार रुपए तक की ब्राइडल फ्लावर ज्वैलरी तैयार करते हैं।