
डायबिटीज से लेकर हाई ब्लड प्रेशर, लिवर और वजन नियंत्रण में लौकी का कमाल नहीं। चिकित्सक भी नियमित रूप से लौकी खाने के लिए सजेस्ट करते हैं। इससे कई तरह की बीमारियों में राहत मिलती है। खासकर ये शरीर से विषाक्त निकालने में मदद करती है। सुबह के समय खाली पेट लौकी का जूस पीने के कई फायदे देखने को मिलते हैं। इससे शरीर से टॉक्सिक बाहर निकलते हैं, साथ ही पानी की मात्रा अधिक होने के चलते शरीर भी हाइड्रेड रहता है।

लौकी में कई सारे पोषक तत्व हैं। इसमें आयरन, विटामिन ए, फाइबर, विटामिन सी, मैग्नीशियम, एंटीऑक्सीडेंट, प्रोटीन, जिंक तथा पोटेशियम आदि पाए जाते हैं। यदि आप सुबह नाश्ते में लौकी का जूस पीते हैं, तो पेट संबंधी समस्याओं में आराम मिल सकता है। इससे कब्ज की समस्या से राहत मिल सकती है है।

लौकी के जूस में वसा और कैलोरी की मात्रा काफी कम होने के कारण यह वजन घटाने में सहायक हो सकता है। डायटीशियन भी इसी वजह से लौकी का जूस पीने की सलाह देते हैं। इससे शरीर में एनर्जी भी मिलती है। लिवर में जमी गंदगी को दूर करता है।

लौकी में कैलोरी कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बहुत कम पाई जाती है साथ ही पानी की मात्रा ज्यादा होती है और यह आसानी से डाइजेस्ट हो सकती है। इसलिए बीमारी की अवस्था में या पाचन संबंधी परेशानी होने पर लौकी का ही सेवन किया जाता है।उच्च रक्तचाप की समस्या को नियंत्रित करना बहुत जरूरी है, अन्यथा हृदय संबंधी रोगों का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में नियमित रूप से एक गिलास लौकी का जूस पीने से हाई बीपी के मरीजों को फायदा पहुंच सकता है।

हालांकि लौकी को चखकर ही उसका जूस तैयार करें। कई बार लौकी कड़वी भी होती है। कुछ अध्ययनों के अनुसार लौकी का रस पीने के एक घंटे बाद उल्टी और दस्त की शिकायत हो सकती है, ऐसे में चिकित्सक की सलाह पर ही इसका उपयोग करें। डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।