
10 Best Tourist Place In Rajasthan : जुलाई के महीने में मानसून के आगमन के साथ - साथ राजस्थान का मौसम और भी अधिक हो गया है। बारिश की बूंदों से तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है और वर्षा की वजह से निर्जन स्थान भी खिल उठे हैं। अगर आप जुलाई के दौरान राजस्थान जाने की योजना बना रहे हैं तो इन जगहों पर जरूर जाएं।

झीलों के शहर उदयपुर के बीच में स्थित एक ऐसी शिल्पनिर्मित झील है जिसे देख कर पर्यटक मंत्रमुग्ध हो जाते है। इस झील का नाम पास के गांव पिचोली पर पिछोला झील रखा गया। यहां पूरे साल भर लोग घूमने आते हैं लेकिन जुलाई महीने में यहां का नजारा सबसे ज्यादा खूबसूरत हो जाता है। ऐसे में परुवार संग एक बार जरूर आएं।

उदयपुर के पिछोला झील के पूर्वी किनारे पर सिटी पैलेस स्थित है। झील के करीब होने की वजह से इसका आकर्षण और बढ़ जाता है। जब रात होती है, तो महल से झील का नजारा और भी खूबसूरत हो जाता है क्योंकि झील पर पड़ने वाली रोशनी का प्रतिबिंब इसे और भी अद्भुत बना देती है।

उदयपुर के पिछोला झील के जग द्वीप में एक ऐसा पैलेस है जिसे देख कर लगता है कि ये मानो पानी पर तैर रहा हो। यह लेक पैलेस के नाम से मशहूर है। यहां का बाहरी हिस्सा जितना सुंदर है उतना ही प्रभावशाली अंदरूनी हिस्सा है। इधर की वास्तुकला, रंगीन कांच की आकृति, फव्वारे और पार्कों को देख पर्यटक प्रसन्न हो जाते है।

सहेलियों की बाड़ी उदयपुर के फतहसागर झील में स्थित एक बाग है जो पर्यटकों के लिए प्रमुख स्थल है। इस वाटिका में कमल के तालाब, फव्वारे और संगमरमर के हाथी देखने को मिलेंगे। यहां का प्रमुख आकर्षण फव्वारे हैं जिसकी आकृति पक्षियों की चोंच के आकार से पानी निकलते हुए बनी है।

माउंट आबू सेंचुरी राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू के पास है। जुलाई के समय ये अभ्यारण हरियाली से भरा रहता है। इसकी खूबसूरती देखते ही बनती है। यहां बच्चों को घूमाने जरूर लाएं, और बताएं की हरियाली का इतना महत्व क्यों है। यहां पर्यटक विभिन्न वन्यजीवों को देखकर वन की यात्रा कर सकते है।

भारत की पहली मानव निर्मित झील माउंट आबू में स्थित है। जुलाई में इतनी खूबसूरती यकीन मानिए दोगुना बढ़ जाती है। यह एक ऐसी मशहूर झील है जो अरावली पर्वतमाला में स्थित है, जिसे नक्की झील के नाम से जाना जाता है। ये हरियाली, पहाड़ों और आकर्षण से घिरा हुआ है।

गुरु शिखर अरावली पर्वतमाला की सबसे ऊंची चोटी पर स्थित है। यहां आने पर ऐसा लगता है कि हम बादलों के बीच में हैं और बहुत ही सुंदर नजारा देखने को मिलता है। इधर आबू वेधशाला और गुरु दत्तात्रेय का गुफा मंदिर भी है जो भगवान विष्णु को समर्पित है।

पटवों की हवेली जैसलमेर में स्थित अपने वास्तुकला से दुनियाभर में चर्चित है। ये केवल एक ही नहीं लेकिन पांच हवेलियों का समूह है जो जैसलमेर में बनी पहली हवेलियों में से एक है। मानसून में ये और भी खूबसूरत और हरा - भरा हो जाता है।

रानीजी की बावड़ी बूंदी की सबसे लोकप्रिय बावड़ियों में से एक है। यहां टेढ़े-मेढ़े नक्काशियों वाले स्तंभ, स्टेप वेल्स और ऐसी कई वास्तुकला हैं जो इस बाउरी को अलग बनाती है। इधर खंभों पर अंदर की ओर मुड़ी सूंड वाले गजराज की उत्कृष्ट नक्काशी प्रदर्शित है, जो बावड़ी से पानी पीने का आभास देती है।

दभई कुंड राजस्थान के बूंदी शहर के बीचों - बीच स्थित एक कुंड है जिसका आकार उल्टे पिरामिड जैसा है। यह जय कुंड के नाम से भी जाना जाता है। यहां पानी तक ले जाने वाली सीढ़ियों पर की गई शानदार नक्काशी और कारीगरी बहुत सुंदर है।