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Photos: कभी तीन किलोमीटर दूर से हो जाया करते थे जयपुर के इस ‘सूर्य‘ मंदिर के दर्शन

कभी तीन किलोमीटर दूर से हो जाया करते थे इस ‘सूर्य‘ मंदिर के दर्शन

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जयपुर

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Dinesh Saini

Jan 24, 2018

Surya Temple

राजधानी जयपुर में गलता जी की पहाड़ी पर स्थित है भगवान ‘सूर्य नारायण‘ जी का प्राचीन सूर्य मंदिर। यहां बड़ी संख्या में टूरिस्ट भी घूमने आया करते है।

Surya Temple

पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर दक्षिण मुखी है। पहले यहां आठ इंच की अष्टधातु निर्मित भगवान सूर्य नारायण की आकर्षक प्रतिमा स्थापित थी।

Surya Temple

इस प्राचीन मंदिर की स्थापना जयपुर के संस्थापक सवाई जयसिंह ने करवाई थी। उस समय बसावट नहीं होने से इस मंदिर के दर्शन सिटी पैलेस से ही हो जाते थे। सिटी पैलेस मंदिर से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर है। लेकिन अब जयपुर इमारतों का शहर बन चुका है अत:अब वहां से मंदिर के दर्शन संभव नहीं है।

Surya Temple

सूर्य सप्तमी पर्व यहां धूमधाम से मनाया जाता है। सूर्यदेव की आरती के बाद गलता घाटी से सप्त घोड़ों से सुसज्जित भगवान सूर्य की रथयात्रा निकाली जाती है।

Surya Temple

रिसायत काल में यह आयोजन यहां पर राजपरिवार की ओर से होता था। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग इस शोभायात्रा में शामिल होते थे और जगह—जगह पूजा की जाती थी।

Surya Temple

जयपुर की स्थापना के समय सुरक्षा की दृष्टि से पूर्व दिशा की ओर से बनाए गए दरवाजे का नाम भी भगवान सूर्य के नाम पर ‘सूरजपोल‘ रखा गया था।

Surya Temple

दीवान कृपाराम द्वारा निर्मित उच्चतम चोटी के शिखर पर बना भगवान सूर्य नारायण जी का यह मंदिर शहर के सारे स्थानों से दिखाई पड़ता है।

Surya Temple

मंदिर से गुलाबी नगरी का विहंगम नजारा देखने को मिलता है।

Surya Temple

शहर की ओर से यहां पर उगते हुए सूर्य को देखना काफी आकर्षक लगता है।

Surya Temple

यहां गलता घाटी में बन्दर काफी संख्या में है। इसलिए इस घाटी को मंकी वैली के नाम से भी जाना जाता है।