
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री और जिले के प्रभारी राजेंद्र प्रताप सिंह (मोती सिंह) ने झांसी में किसानों को ऋण मोचन प्रमाण पत्र वितरित किया। पहले चरण के 11055 में से 5025 किसानों को ऋण मोचन प्रमाणपत्र वितरित करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि किसान को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाना और उनकी आय दोगुना करना सरकार का पहला लक्ष्य है। फसल ऋण मोचन योजना इसी की कड़ी है।

पहले चरण में ऋण मोचन के लिए 11055 किसान चुने गए हैं। इनके खाते में 67,17, 67,547 रुपये आरजीटीएस के माध्यम से भेजे जा रहे हैं। इस कार्यक्रम में 5025 किसानों को प्रमाणपत्र बांटे गए हैं। शेष किसानों को जनप्रतिनिधियों के माध्यम से तहसील स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर प्रमाणपत्र बांटे जाएंगे।

राजकीय इंटर कॉलेज ग्राउंड पर आयोजित कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र दैवीय आपदा से ग्रस्त है। इस बार भी यहां बारिश नहीं हुई है। मुख्यमंत्री के समक्ष बुंदेलखंड को सूखाग्रस्त घोषित करने का प्रस्ताव रखा गया है। जल्द ही इसकी घोषणा कर दी जाएगी।

कार्यक्रम को जालौन सांसद भानुप्रताप वर्मा, विधायक राजीव सिंह, जवाहरलाल राजपूत, बिहारी लाल आर्य एवं जिलाधिकारी कर्ण सिंह चौहान ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिमा यादव, पूर्व महापौर किरन वर्मा, विधान परिषद के पूर्व सभापति मानवेंद्र सिंह, सांसद प्रतिनिधि डा. जगदीश सिंह चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जेके शुक्ल, मुख्य विकास अधिकारी अन्नावि दिनेशकुमार उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन डीआईओएस डॉ. एनके पांडेय ने किया। इसके पूर्व सरस्वती विद्या मंदिर दतिया गेट की छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

पहले चरण में ऋण मोचन के लिए 11055 किसान चुने गए हैं। इनके खाते में 67,17, 67,547 रुपये आरजीटीएस के माध्यम से भेजे जा रहे हैं। इस कार्यक्रम में 5025 किसानों को प्रमाणपत्र बांटे गए हैं।