श्मशान भूमि से कुल्हाड़ी लेकर आया, धार करवाई और फिर व्यक्ति को काट डाला
बार-बार कहने व अन्य लोगों के समझाने के बाद भी जाकिर मान नहीं रहा था। इससे खफा होकर वह बीबाणी धाम (श्मशान भूमि) गया और वहां पर अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी काटने के लिए पड़ी कुल्हाड़ी लेकर आया, धार करवाई और अपने घर में रख ली तथा चाय की दुकान पर आने पर हमला कर जगह-जगह कुल्हाड़ी से काट डाला।