
असत्य, अहंकार, अभिमान और अनाचार के पर्याय रावण का शनिवार को विजय दशमी पर एक बार फिर दहन हुआ।

इस उत्सव में शामिल होने के लिए चार हजार से अधिक लोग रावण का चबूतरा मैदान में पहुंचे।

यहां अग्निबाण लगने केबाद रावण के कुनबे को भस्म होने में पांच मिनट का समय लगा।

पलक झपकते ही सुर्पणखा, ताड़का, मेघनाद व कुंभकरण के पुतले जल गए तो रावण के पुतले में हल्की आतिशबाजी हुई और एक -एक कर मुंह उड़े व देखते ही देखते वह जल उठा।

लोग रावण दहन के समय अग्नि बाण लगते ही घूमती चकरी और मुंह से बरसते अंगारे देखने के लिए पहुंचे थे, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी।

रावण दहन के तुरंत बाद हुई रंगबिरंगी आतिशबाजी ने आसमान में सतरंगी छटा बिखेरी।

करीब आधा घंटे तक चली आतिशबाजी का लोगों ने जम कर लुत्फ उठाया।

वहीं केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत ने रथ पर चढ़ कर पूजा करने के बाद रावण पर तीर छोड़ा।

4000 लोग रावण दहन देखने के लिए पहुंचे।

रावण के चबूतरे में रावण दहन देखने के लिए पहुंची जनता में अधिकतर लोग पुतले के पास पहुंच कर सेल्फी लेते हुए नजर आए।

हर कोई रावण के साथ सेल्फी को लेकर उत्साहित दिखा। लोग अपने बच्चों को पुतलों के पास खड़े कर फोटो लेते हुए दिखे तो कई लोग सेल्फी स्टिक के साथ सेल्फी लेने में व्यस्त थे । निगम कर्मचारी भी खुद को सेल्फी लेने से नहीं रोक पाए।