
मां-बाप की जुबानी : पिता बोले कोर्ट के फैसले से में संतुष्ट हूं यह एकदम सही फैसला है। आज हमारे बच्चे को न्याय मिला है। माता बोली आज यह जो न्याय मिला है यह सबके लिए न्याय है। हम सब लोग भी यही चाहते थे कि इसको सजा मिले और इसको पता चले कि किसी के बच्चे को मारने पर उसके मां-बाप को कितना दु:ख घुट-घुट कर मरना क्या होता है। हमारा बच्चा तो वापस नहीं आएगा पर अब किसी और का बच्चा नहीं जाएगा।

अदालत के कमरे के मुख्य आरोपित अंकुर पाडिय़ा को बाहर पुलिस जाप्ते में ले जाते पुलिसकर्मी।

मुख्य आरोपित अंकुर पाडिय़ा को फांसी की सजा से दण्डित किया। अंकुर पाडिय़ा को ले जाती पुलिस।

अंकुर के भाई अनूप पाडिय़ा को उम्रकैद की सजा सुनाई। सजा के फैसले के बाद अनूप को ले जाते पुलिसकर्मी।

फैसले के वक्त कोर्ट में रुद्राक्ष के माता-पिता व अन्य परिजन भी मौजूद रहे। उन्होंने फैसले पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें यही उम्मीद थी।

वकील हरिश शर्मा से बातचीत।

वकील कमलकांत से बातचीत।