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तंगहाली में संस्कृति बचाने में जुटे अखाड़ेबाज

कोटा. सरकार माटी को माथे पर लगाकर देश-प्रदेश का नाम रोशन करने वाले पहलवानों की ओर ध्यान नहीं दे रही। अनंत चतुर्दशी, डोल एकादशी व अन्य धार्मिक आयोजनों में युवा अखाड़ेबाज अपने प्रदर्शन से आमजन को हैरत में डाल देते हैं। अपनी संस्कृति को करबतों से दर्शाने वाले पट्टेबाजों को संबल देने के लिए सरकार के पास कोई योजना नहीं है। मजबूरीवश तंगहाली में अपनी संस्कृति को बचाने में जुटे हैं।

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कोटा

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Neeraj Gautam

Sep 21, 2023

तंगहाली में संस्कृति बचाने में जुटे अखाड़ेबाज

अखाड़े में अभ्यास करते युवा व बच्चे

तंगहाली में संस्कृति बचाने में जुटे अखाड़ेबाज

अखाड़े में अभ्यास करते युवा व बच्चे

तंगहाली में संस्कृति बचाने में जुटे अखाड़ेबाज

अखाड़े में अभ्यास करते युवा व बच्चे

तंगहाली में संस्कृति बचाने में जुटे अखाड़ेबाज

अखाड़े में अभ्यास करते युवा व बच्चे