
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने इतना झूठ बोला है कि अब उनका कोई विश्वास नहीं करता है। लोगों का भाजपा सरकारों से मोहभंग हो गया है। जनता को धोखा देने में वे माहिर हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों को धोखे में रखा जा रहा है। समाजवादी सरकार के कामों को अपना बताना और उद्घाटन करना भाजपा की पराजय है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि असली मुद्दों से ध्यान हटाने की ताकत भाजपा के पास है। वह भटकाव करने की कला जानती है। राजनीति के लिए, वोट के लिए वह समाज में नफरत फैलाने में लगी है। उसने समाज में अविश्वास पैदा किया है जिससे सामाजिक सद्भाव बिगड़ा है। नोटबंदी-जीएसटी से कारपोरेट को तो लाभ मिला है जबकि उससे भारत की अर्थव्यवस्था बर्बाद हो गई है।

परेशान होकर आत्महत्या कर रहे हैं। विदेश में कहीं किसानों द्वारा आत्महत्या किए जाने की बात सुनने को नहीं मिलती है। भाजपा सरकार ने किसानों के उत्पाद विपणन के लिए मंडी पर कोई काम नहीं किया। समाजवादी सरकार में मंडियों की व्यवस्था की गई थी। भाजपा सरकार रागद्वेष से काम कर रही है।पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकारों के पास विकास की अपनी कोई योजना नहीं जिसे पूरा किया हो। बेकारी, बीमारी, शिक्षा के क्षेत्र में कोई काम नहीं हुआ है। विकास का बुनियादी ढ़ांचा रूक गया है। गंगा की सफाई नहीं हुई। यमुना प्रदूषित है। हिंडन नदी मैली है। उन्होंने कहा पहले पानी मरता है फिर मछली मरती है। समाजवादी सरकार ने गोमती नदी पर खूबसूरत रिवरफ्रंट बनाया था उसे बर्बाद कर दिया गया।

अखिलेश यादव ने कहा कि महाकवि नीरज मुख्यमंत्री के पास दो बार यशभारती सम्मान की बहाली और पेंशन जारी करने की मांग करने के लिए गए थे। उनके निधन के बाद आधी अधूरी पेंशन की घोषणा की गई। सरकारों को बड़े दिल से निर्णय करना चाहिए। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि दुनिया के बहुत से देष 50 वर्षों में ही भारत से बहुत आगे निकल गए है। लेकिन भाजपा ने ऐसा रास्ता दिखा दिया है कि पूरी की पूरी पीढ़ी अकर्मण्यता की शिकार हो गई है। एक पीढ़ी तो बिना रोजगार के रह जाएगी। उन्होंने कहा कि सन् 2019 और सन् 2022 में दो बड़े अवसर मतदाताओं को मिलेंगे। देखना, ये हाथ से न निकल जाएं।