
लखनऊ , टीम हवाबाज़ी द्वारा संचालित लखनऊ ओपन माइक ने कुछ अनोखे अंंदााज़ मे शुरू किया अपना नया साल। इस बार के संस्करण का थीम उन सभी लोगों को माफ कर के आगे बढ़ने का था जिन्होंने कभी किसी का भी दिल दुखाया हो।

अक्सर हम लोग छोटी बड़ी किसी भी बात से आहत हो जाते हैं, दिल पर एक बोझ लेेकर बैठ जाते हैं, मौका इन्हीं सब बातों सेे ऊपर उठने का था, कुछ लोगों को माफ करने का था, कुछ कड़वी बातें भुलााने का था, कुछ बोझ हल्का करने का था।

इसी कड़ी मे लोगों ने अपने मन की बात किस्से, कहानियों और कविताओं के माध्यम से कह डाली। चलो आज माफ करते हैं बीते हुए कल को तो बदल नहीं सकते । चलो आने वाले कल को ही बदलते हैं, चलो आज माफ करते हैं, कुछ इस अंदाज़ मे करी थी पूनम ने शाम की शुरुआत । अक्षिता ने पढ़े इश्क पर कुछ जज्बात । स्वाति ने कुछ तू माफ कर दे कुछ मैं माफ़ कर दूं कविता पढ़ कर लोगों को माफ़ी शब्द के असल मायने बता दिए । सूर्यान्श ने स्टैंड अप कॉमेडी करके माहौल को खुशनुमा बना दिया ।