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101 जोड़े बंधे शादी के बंधन में, देखें फोटो

सूखे और अकाल से परेशान किसानों के लिए पत्थर मंडी कबरई के पूर्व चेयरमैन मसीहा बने हुए हैं।

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अपने बच्चों की शादी कराने आये परिजन कहते है कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी बुंदेलखंड में सूखा पड़ा है । यहाँ पेट भरना मुशिकल हो रहा है उस पर बच्चों के विवाह की चिंता उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदरी है । मगर आर्थिक तंगी और सूखे की मार में विवाह के खर्च नहीं उठा सकते थे । कलसा बाबा में समाजसेवी शिवपाल तिवारी के सहयोग से उनके बच्चो का विवाह हो रहा है ।

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सामूहिक विवाह में परिणय सूत्र में बंधे जोड़ें इस समारोह को अपने लिए खास बताते है । लाल जोड़ा पहने दुल्हन नीतू बताती है कि उसके पिता बेहद गरीब है । घर की आर्थिक स्तिथि इतनी ख़राब है कि उसका विवाह का खर्च परिवार नहीं झेल पाता ऐसे में विवाह समारोह में उसका विवाह हो गया है और उसे अपना जीवन साथी भी मिल गया है । उन्हें समारोह में उपहार स्वरुप जेवर और घरेलु सामान भी दिया गया है।

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बुन्देलखण्ड के महोबा में दैवीय आपदाओं के चलते ग्रामीण किसानों का बुरा हाल हो गया है।

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साल दर साल अवर्षा और ओलावृष्टि के चलते हज़ारों हेक्टेयर जमीन बंजर पड़ी है। ।

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दाने दाने को मोहताज़ किसान और उनके सामने बेटियों की शादी की चिंता किसानों को आत्महत्या जैसे आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर किये हुए हैं। ऐसे में पत्थर उद्योग मंडी के निवासी सामजसेवी और पूर्व चेयरमैन शिवपाल तिवारी गरीबों के बीच मसीहा बनकर उभरे हैं।

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गरीब कन्याओं का साल दर साल विवाह कराकर उनका विधिवत कन्या पूजन का सिलसिला बदस्तूर जारी है। ऐतिहासिक कलसा बाबा पहाड़ पर हजारों ग्रामीणों की भीड़ इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में गवाह बनकर खड़ी है।

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जयमाला से लेकर विवाह के सभी कार्यक्रम कमेटी और पुलिस सुरक्षा के बीच सम्पन्न हो रहे हैं। शादी के बाद नव नवेली दुल्हन को पूर्व चेयरमैन शिवपाल तिवारी सोने चांदी के आभूषण के साथ साथ घरेलू सामान देकर विवाह कर रहे हैं।

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सूखे की मार से यहाँ का किसान पहले से ही कर्ज के बोझ तले दबा है ऐसे में बेटी के हाथ पीले करने की चिंता उनके लिए नासूर बनी है । लेकिन सामूहिक विवाह समारोह इन गरीबों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है । शिवपाल तिवारी बताते है कि 2008 से वो ऐसे सामूहिक विवाह समारोह धर्मिक स्थान कलसा बाबा पहाड़ पर कराते है