
नई दिल्ली। हम हर दिन बहुत सारे काम करते हैं। काम अगर अच्छा हो तो हमें प्रशंसा भी मिलती है और ठीक न होने पर लोग हमारे उस काम की आलोचना भी करते हैं लेकिन दुनिया में कुछ ऐसे भी लोग होते हैं जो कि एक छोटे से काम को या फिर अपने किसी शौक को इतना बेहतर ढग़ से करते हैं जो कि बाद में रिकॉर्ड बन जाता है। आज हम भारत के ही कुछ ऐसे लोगों और उनसे जुड़ी खासियत के बारे में बताएंगे जो कि अपनी खासियत से रिकॉर्ड बनाने में सफल रही।

इसमें सबसे पहला नाम आता है 23 वर्षीय ज्योति आमगे का जिसे कि उसके छोटे कद की वजह से पहचान मिली और उन्हें दुनिया की सबसे छोटी कद वाली महिला के रिकॉर्ड से नवाज़ा गया। बता दें कि ज्योति की लंबाई महज दो फीट है।

इसमें दूसरा नात आता है छोटी सी...अरे ये कद में नहीं बल्कि उम्र में छोटी है और ये है मात्र 11 साल की आरूषि भटनागर जो कि इस कम उम्र में ही चित्रकला में एकल प्रदर्शनी करने वाली सबसे पहली बच्ची है। इस प्रदर्शनी में आरूषि ने अपने 52 पेंटिंग्स की पेशकश की थी। अभी आरूषि 13 साल की हो गई है और अब तक वो 16 से ज्यादा प्रदर्शनियों में अपनी कला का प्रदर्शन कर चुकी है।

अब बात करेंगे टाइपिंग स्किल्स के बारे में। हालांकि टाइपिंग तो कम या ज्यादा हम सभी को आती है और किसी, किसी की स्पीड भी काफी अच्छी होती है लेकिन हम यहां हाथ से नहीं बल्कि नाक से टाइपिंग करने की बात कर रहे हैं और ऐसा करने वाले है खुर्शीद हुसैन जो कि केवल 47.44 सेकें ड में 103 अक्षरों को टाइप कर चुके हैं और इस काम में माहिर वो एकलौते भारतीय है।

बिरियानी तो हम सभी को पसंद है। अपनी खुश्बू से लोगों को पागल देने वाली ये डिश तो घर और दुकानों में हर जगह ही बनती है लेकिन हम आपको बना रहे हैं रिकॉर्ड के बारे में तो बता दें कि 3,000 किलो बासमती चावल, 85 किलो चिली पेपर, 1200 लीटर तेल और 3,650 किलो सब्जियों ये सबसे ज्यादा बिरयानी को निऊ दिल्ली स्पोट्र्स स्टेडिमय में 60 भारतीय शेफ ने मिलकर बनाया। वल्र्ड लारजेस्ट बिरयानी का वजन करीब १३ टन था।

अब बारी आती है कलामंडलम हेमलता का नाम जिन्होंने करीब 123 घंटे, 15 मिनट तक एकल नृत्य किया। लगातार इतने घंटे तक नृत्य का प्रदर्शन करने वाली हेमलता को मोहिनीअट्टनम नर्तकी में प्रशिक्षण प्राप्त है।

बात अब कर ले थोड़ा मूंछों के बारे में तो ऐसे में 14 फीट लंबे मूछों वाले राम सिंह चौहान के पास दुनिया की सबसे लंबी मूछों का रिकॉर्ड है।