
ईद पर नागौर में दिखा भाईचारे का संदेश, अदा की गई विशेष नमाजईद पर हुई विशेष नमाज, जुलुस के साथ पहुंचे शहर काजी

. नागौर शहर सहित जिलेभर में शनिवार को ईदुलफित्र का त्योहार पूरे उत्साह और भाईचारे के साथ मनाया गया। शहर के नकाश गेट, गांधी चौक, बाजारवाड़ा, पीर बल्लक, सूफ़ी हमीद्दुदीन दरगाह, बाजारवाडा, लोहारपुरा, मुहम्मदपुरा सहित दुकोसी, बासनी, कुम्हारी, सारणवास की विभिन्न मस्जिदों व ईदगाह में सुबह से ही नमाजियों की भीड़ उमड़ी, जहां विशेष नमाज अदा की गई

नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और देश में अमन-चैन व खुशहाली की दुआ मांगी। इस अवसर पर शहर काजी मेराज उस्मानी के नेतृत्व में काजियों का चौक से शाही जुलूस निकाला गया, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ ईदगाह पहुंचा। जुलूस में शामिल अकीदतमंदों ने भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द्र की मिसाल पेश की। इस दौरान शहरवासियों ने जगह-जगह जुलूस का स्वागत किया।

सुबह करीब सवा आठ बजे सर्किट हाउस के पास स्थित ईदगाह, मूण्डवा रोड स्थित ईदगाह, सूफी साहब की दरगाह एवं बड़े पीर साहब की दरगाह में ईद की नमाज अदा की गई, जहां सैकड़ों की संख्या में नमाजी एक साथ खुदा की बारगाह में सजदे में झुके। नमाज के बाद मुल्क में अमन, शांति और भाईचारे के लिए खास दुआ की गई। लोगों ने

देश की तरक्की और खुशहाली की भी कामना की। वहीं नमाज के बाद मुस्लिम बंधुओं ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। इस दौरान शहर में सांप्रदायिक सौहार्द्र का माहौल देखने को मिला। हिन्दू धर्मावलम्बियों ने मुस्लिम बंधुओं को ईद की मुबारकबाद दी।

त्योहार को लेकर बच्चों व युवाओं में खासा उत्साह नजर आया। लोग नए वस्त्र पहनकर आपसी मेल-मिलाप करते दिखाई दिए। शहर में कई स्थानों पर सामाजिक सौहार्द्र और भाईचारे का संदेश भी दिया गया। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा और निगरानी रखी गई। नमाज

ज के बाद लोगों ने एक-दूसरे के घर जाकर मिठाइयां बांटकर खुशियां साझा की। इस अवसर पर सभी समुदायों ने मिलकर आपसी सद्भाव का परिचय दिया। ईद के मौके पर बाजारों में भी रौनक देखने को मिली और लोगों ने अपने परिवार और दोस्तों के साथ इस त्योहार की खुशियां बांटी। वहीं बच्चों को ईदी के तौर पर पैसे भी दिए गए।

नेकी की राह पर चलने की दावतनमाज़ से पहले उलेमाओं ने अपनी तकरीर में लोगों को खास पैगाम दिया। उन्होंने कहा कि ईद सिर्फ खुशियां मनाने का दिन नहीं, बल्कि खुदा का शुक्र अदा करने और अपनी जिंदगी को नेकी के रास्ते पर चलाने का भी दिन है, उलेमाओं ने लोगों से अपील की कि वे सच्चाई, ईमानदारी और इंसानियत के रास्ते पर चलें और समाज में भाईचारे को मजबूत करें। तकरीर के दौरान यह भी कहा गया कि रमजान के महीने में जो सबक मिला है, उसे पूरी जिंदगी में अपनाना चाहिए। गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करना हर इंसान की जिम्मेदारी है।