
पिछले कई सालों से पक्षीयों को बचाने की मुहिम कुछ खास रंग नही ला रही है। राष्ट्रीय पक्षी मोर पर भी खतरा मंडराने लगा हुआ ह ै। गिद्ध और हरियल तो अब नजर भी नही आते। सरकार को पक्षीयों को बचाने के लिए शिकारियों और तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी वाहिए। जिससे जंगल में पक्षी बच सकें।हालांकि वन विभाग के तहत एक्ट 1972 के तहत गैर जमानती अपराध माना जाता है। मगर इसमें भी वन और पुलिस विभाग जानबूझकर शिकारियों की जमानत ले लेता है। जो की उचित नही है। राष्ट्रीय पक्षी दिवस पर सरकार से कड़े नियम का पालन को लेकर सख्ती बनाई जानी चाहिए।

पिछले कई सालों से पक्षीयों को बचाने की मुहिम कुछ खास रंग नही ला रही है। राष्ट्रीय पक्षी मोर पर भी खतरा मंडराने लगा हुआ ह ै। गिद्ध और हरियल तो अब नजर भी नही आते। सरकार को पक्षीयों को बचाने के लिए शिकारियों और तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी वाहिए। जिससे जंगल में पक्षी बच सकें।हालांकि वन विभाग के तहत एक्ट 1972 के तहत गैर जमानती अपराध माना जाता है। मगर इसमें भी वन और पुलिस विभाग जानबूझकर शिकारियों की जमानत ले लेता है। जो की उचित नही है। राष्ट्रीय पक्षी दिवस पर सरकार से कड़े नियम का पालन को लेकर सख्ती बनाई जानी चाहिए।

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