
आखिर कब बनेगा यार्ड... रेलवे का यार्ड कच्चा है। बारिश में यार्ड पर पानी का भराव रहता है। बारिश से गेहूं की बोरियां भीग जाती है। एफसीआइ ने कई बार जोधपुर रेल मंडल को यार्ड पक्का करने के लिए पत्र भी लिखा।

आखिर कब बनेगा यार्ड... रेलवे का यार्ड कच्चा है। बारिश में यार्ड पर पानी का भराव रहता है। बारिश से गेहूं की बोरियां भीग जाती है। एफसीआइ ने कई बार जोधपुर रेल मंडल को यार्ड पक्का करने के लिए पत्र भी लिखा।


बढ़ी मुसीबत... हरियाणा से आई 53 हजार गेहूं की बोरियां एफसीआइ की ओर से राशन दुकानों पर सप्लाई की जाएगी। इसके बाद ये गेहूं गरीब के घरों तक पहुंचेगा। बारिश में गेहूं की बोरियां भीग जाने के कारण गेहूं खराब भी होगा। ऐसे में भीगा हुआ गेहूं ही राशन की दुकानों पर सप्लाई हो सकता है।




यार्ड में बिखरा गेहूं... हरियाणा के पिहोवा रोड से मालगाड़ी 42 वेगन में करीब 53 हजार गेहूं की बोरियां लेकर यार्ड पहुंची थी। यह बोरियां एफसीआइ गोदाम में भेजनी है। रविवार को यहां से गेहूं की बोरियां शिफ्ट करने का काम किया गया, लेकिन यह पूरा नहीं हुआ। इधर, आसमान में दोपहर से ही बादल छाए हुए रहे। शाम को बादलों ने बरसना शुरू कर दिया, जिससे खुले में बोरियों में भरा हुआ गेहूं भीग गया। इन्हें ढकने की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई। बोरियां फटने से यार्ड व रेलवे पटरियों पर भी गेहूं बिखर गया। इससे नुकसान हुआ।
