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CG News: हेडफोन-ईयरबड्स की लत ने युवाओं को बनाया बहरा, जानें कैसे?

CG News: हेडफोन व ईयर बड्स की लत ने युवाओं को बहरा बना दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में यह और खतरनाक रूप ले सकता है।

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CG News: सरकारी व निजी अस्पतालों की ओपीडी में कुल मरीजों में 12 से फीसदी कम सुनाई देने वाले, कान की दीवार में इंफेक्शन, कान बंद लगना जैसे केस आ रहे हैं।

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CG News: ईएनटी विशेषज्ञों के अनुसार, ये रूटीन में हेडफोन व ईयर बड्स लगाने के दौरान हुई समस्या है। मरीजों की हिस्ट्री में इसकी पुष्टि भी हो रही है।

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CG News: आंबेडकर अस्पताल, प्रोफेसर ईएनटी, डॉ. वर्षा मुंगुटवार का कहना है कि हेडफोन व ईयरबड्स के ज्यादा उपयोग से युवाओं में सुनने की क्षमता प्रभावित हो रही है। कान भरा-भरा लगना, कान की दीवारों में इंफेक्शन के काफी केस आ रहे हैं। युवाओं को चाहिए कि कान को प्रभावित करने वाली चीजें कम से कम उपयोग करें।

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CG News: सीनियर ईएनटी सर्जन, डॉ. अनुज जाउलकर का कहना है कि युवाओं में हेडफोन, ईयर फोन या ईयरबड्स, नोइज मॉस्टर का उपयोग फैशन हो गया है। इसके ज्यादा उपयोग से कान की नसों को चोट पहुंचने से सुनने की क्षमता प्रभावित हो रही है। चिड़चिड़ापन, सिरदर्द च चक्कर आने की समस्या भी हो रही है। ऑनलाइन क्लास में हेडफोन या ईयरफोन के बजाय मल्टीमीडिया स्पीकर का उपयोग करने से कान को राहत मिलेगी।

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CG News: ध्वनि का स्तर कम रखें। यदि ध्वनि का स्तर अधिक रखेंगे तो कानों पर अधिक दबाव पड़ेगा। नियमित अंतराल पर ब्रेक लें। इससे कानों को आराम मिलेगा और आपको ध्वनि प्रदूषण से बचने में मदद मिलेगी।

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CG News: वैकल्पिक विकल्पों का उपयोग करें, जैसे कि स्पीकर या हेडफोन के बिना संगीत सुनना या लंबी बातें करना। अपने कानों की देखभाल करें। यदि कानों में दर्द या अन्य समस्याएं हैं, तो तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाएं।

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CG News: उपयोग से जुड़ी समस्याओं के बारे में जागरुकता बढ़ाएं। दोस्तों व परिवार के सदस्यों को भी जागरूक करें। कानों की नियमित जांच कराएं। अपने हिसाब से या केमिस्ट के अनुसार दवाएं बिल्कुल न लें।स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। नियमित व्यायाम करें, स्वस्थ आहार लें और पर्याप्त नींद लें।