
CG News: राजधानी रायपुर में 20 लाख लोगों की प्यास बुझाने वाली जीवनदायिनी खारून नदी शासन-प्रशासन की लापरवाही से सीवरेज और गंदगी का सबसे बड़ा ठिकाना बनती जा रही है। खारून में गिरता यह जहर लगातार नदी और लाखों आबादी की सेहत के लिए खतरा बना हुआ है।

CG News: भाठागांव से चंदनीडीह तक 17 नाले के पानी को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से ठीक तरह से कनेक्ट नहीं किया जा सका। पत्रिका ने अपनी ग्राउंड रिपोर्टिंग में पाया कि बड़े नालों के जरिए शहर का गंदा पानी, साबुन-सोडा युक्त घरेलू अपशिष्ट और सीवरेज सीधे नदी में छोड़ा जा रहा है। शहर के बीचों-बीच बहती इस नदी के हालात देखकर कोई भी सिहर सकता है।

CG News: खारून में जहर मिलाने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की तकनीकी खामियां ही है कि एनीकट ओवरफ्लो होने की वजह गंदा पानी बिना उपचारित हुए नदी में मिल रहा है। यह सिर्फ चिंगरी नाला की स्थिति नहीं है, बल्कि रायपुरा के घरों से निकलने वाला गंदा पानी भी नालियों के जरिए सीधे खारून में मिल रहा है। नदियों में प्रदूषण की बड़ी वजह यह है कि बड़े नाले एसटीपी से कनेक्ट ही नहीं हो पाए हैं। निगम के अधिकारियों का कहना है कि सूडा को प्रस्ताव भेजा गया है और काम जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

CG News: चिंगरी नाला से लेकर चंदनीडीह एसटीपी तक सात नालों का पानी सीधे नदी में गिर रहा है। इसमें सरोना तक ही तीन बड़े नाले शामिल हैं। इसके अलावा महादेव घाट से मुक्तिधाम वाला नाला भी शामिल हैं। निगम अधिकारियों के मुताबिक एनीकट वॉल से लेकर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 8 करोड़ का प्रस्ताव बनाया गया है।

CG News: सिर्फ राजधानी ही नहीं बल्कि उरला इंडस्ट्रियल एरिया का जहरीला पानी भी सीधे खारून में मिल रहा है। एसटीपी की मशीनें खराब हो चुकी है। औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाला केमिकल युक्त पानी बिरगांव के लोगों के लिए जहर बनता जा रहा है। 271 नदियों की सूची में खारून भी: देश की 271 प्रदूषित नदियों की सूची में राजधानी की खारून नदी भी शामिल हैं।

CG News: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी)-2025 की रिपोर्ट के मुताबिक खारून के अलावा अरपा, हसदेव, केलो, महानदी, शिवनाथ शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सीपीसीबी की रिपोर्ट में कई ऐसे क्षेत्र शामिल नहीं है, जहां प्रदूषण हैं। इसे शामिल किया जाना चाहिए।

CG News: नाले का पानी जो सीधे खारून में मिल रहा है। इस पर निगम की टीम ने दौरा किया है। यहां स्टॉप डैम से लेकर बाकी अन्य ट्रीटमेंट प्लान को लेकर प्रस्ताव सूडा को भेजा गया है। शासन से स्वीकृति मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। - मीनल चौबे, महापौर, रायपुर