
सतना. आज के युग कहें तो कोई अतिश्योक्ति नही होगी। आसमान से पाताल तक खोजबीन और निगरानी में कैमरे की तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। कैमरा डे पर स्टिल कैमरा की एक तकनीक से आपको रूबरू करवा रहे है। फुल फ्रेम एसएलआर कैमरा के जरिए सर्किट हाउस चौराहे के ऊपर से रात को लिया गया फोटो। इसमें आवागमन कर रहे वाहनों की हैड लाइट को कैमरे की तकनीक से अलग-अलग रंगो में चौराहे का वास्तविक चित्र दिख रहा है।

प्रदेश में सतना शहर की पहचान सीमेंट हब के रूप में होती है। देश की 10 प्रतिशत सीमेंट का उत्पादन सतना जिले से अकेले होता है। यहां आधा दर्जन से ऊपर सीमेंट प्लांट स्थापित है। ये है सतना सीमेंट प्लांट की फोटो।

सतना. आज के युग कहें तो कोई अतिश्योक्ति नही होगी। आसमान से पाताल तक खोजबीन और निगरानी में कैमरे की तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। कैमरा डे पर स्टिल कैमरा की एक तकनीक से आपको रूबरू करवा रहे है। फुल फ्रेम एसएलआर कैमरा के जरिए सर्किट हाउस चौराहे के ऊपर से रात को लिया गया फोटो। इसमें आवागमन कर रहे वाहनों की हैड लाइट को कैमरे की तकनीक से अलग-अलग रंगो में चौराहे का वास्तविक चित्र दिख रहा है।

देश के पहले रूलर स्कैटिंग पार्क पन्ना जिले के जनवार गांव में स्थित है। यहां जर्मन महिला आदिवासी बच्चों को स्कैटिंग खेल सिखा कर देख विदेश में पन्ना जिले का नाम रोशन किया है। जनवार का स्कैटिंग पार्क कई राज्यों का माडल बन रहा है। यहां के बच्चें स्कैटिंग के माध्यम से करतब दिखाते है।

आपने अभी दुनिया में पानी के समुद्र का नाम सुना होगा। लेकिन ऊर्जानचल नगरी सिंगरौली में ओबी का समुद्र दिखाई दे रहा है। कोयले से निकलने वाली डस्ट को एकत्र कर पहाड बना दिया गया है।