
मकर संक्राति पर दो दिन में हेल्पलाइन पर 550 से अधिक घायल पक्षियों को लेकर कॉल आए थे।

इनमें से 50 पक्षियों की मौत हो गई।

जानकी जीवदया संस्था को 132 घायल पक्षियों के कॉल मिले थे।

मकर संक्राति पर मांझे का शिकार हुए पक्षियों का तापी किनारे अंतिम संस्कार किया गया।

इन्हें तापी किनारे दफन किया गया।