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PHOTO : सोमवती स्नान के बाद घर लौटने के लिए ट्रेनों में गदर…

सोमवती अमावस्या पर्व स्नान के लिए दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं को घर लौटने के लिए काफी मशक्कत करना पड़ी। ट्रेनों और बसों में पांव रखने की जगह नहीं थी, दरवाजों और खिड़कियों तक लटककर जाना पड़ा।

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सोमवती अमावस्या पर्व स्नान के लिए दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं को घर लौटने के लिए काफी मशक्कत करना पड़ी। ट्रेनों और बसों में पांव रखने की जगह नहीं थी, दरवाजों और खिड़कियों तक लटककर जाना पड़ा।

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सोमवती अमावस्या पर्व स्नान के लिए दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं को घर लौटने के लिए काफी मशक्कत करना पड़ी। ट्रेनों और बसों में पांव रखने की जगह नहीं थी, दरवाजों और खिड़कियों तक लटककर जाना पड़ा।

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सोमवती अमावस्या पर्व स्नान के लिए दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं को घर लौटने के लिए काफी मशक्कत करना पड़ी। ट्रेनों और बसों में पांव रखने की जगह नहीं थी, दरवाजों और खिड़कियों तक लटककर जाना पड़ा।

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सोमवती अमावस्या पर्व स्नान के लिए दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं को घर लौटने के लिए काफी मशक्कत करना पड़ी। ट्रेनों और बसों में पांव रखने की जगह नहीं थी, दरवाजों और खिड़कियों तक लटककर जाना पड़ा।

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सोमवती अमावस्या पर्व स्नान के लिए दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं को घर लौटने के लिए काफी मशक्कत करना पड़ी। ट्रेनों और बसों में पांव रखने की जगह नहीं थी, दरवाजों और खिड़कियों तक लटककर जाना पड़ा।

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सोमवती अमावस्या पर्व स्नान के लिए दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं को घर लौटने के लिए काफी मशक्कत करना पड़ी। ट्रेनों और बसों में पांव रखने की जगह नहीं थी, दरवाजों और खिड़कियों तक लटककर जाना पड़ा।