
यह कुछ ऐसे स्लोगन है जो आपको अक्सर गाड़ियों के पीछे लिखे दिख जाएंगे। इन्हें देखकर आपका मुस्कुराना तय है। जैसे इन भाईसाहब ने पेट्रोल के बढ़ते रेट्स पर अपना दर्द इस तरह बयां किया है कि आपको पढ़कर हसी आ जाएगी।

इसे कहते हैं पॉजीटिव सोचना

एक गाड़ी खरीदने और फिर उसे चलाने में कितनी मेहनत लगती है.. यह इस गाड़ी वाले को देखकर समझा जा सकता है

इसको शायद कुत्ते नहीं पसंद

दरअसल यह कावड़ लेकर जाने वाला टैंपो है

इन्होंने ग्रेजुएशन में पंडित बनने का कोर्स किया था

शायद इसे इंजीनियरिंग करके जॉब नहीं मिली