
पीलीभीत। देवरिया कांड के बाद प्रशासन की नींद टूटी जिसके बाद पीलीभीत में चल रहे महिला स्वाधार गृह का निरीक्षण किया गया। इस स्वाधार गृह में घर से भागी हुई या फिर खोई हुई लडकियों को बाल कल्याण समिति और न्यायालय के आदेश पर रखा जाता है। जिलाधिकारी के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट ने लखनऊ की स्वयंसेवी संस्था की ओर से संचालित स्वाधार गृह का तीन घंटे निरीक्षण किया, जिसमें वित्तीय अनियमितताएं पाई गईं। निरीक्षण के दौरान यहां से सात लड़कियां मिलीं जबकि यहां के रजिस्टर में 32 लड़कियां होना दिखाया गया है। जिलाधिकारी ने स्वाधार गृह की संचालिका नीलम गुप्ता से इसपर जवाब मांगा है। सिटी मजिस्ट्रेट ने स्वाधार गृह की निरीक्षण आख्या डीएम को दे दी है। कार्रवाई की आख्या शासन को भेजी जा रही है।
इस कार्रवाई के दौरान मीडिया को दूर रखा गया।