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वोट नहीं दिया तो मार देंगे? पीलीभीत में बुजुर्ग को लाठियों से पीटकर मार डाला, बेटों को भी किया अधमरा

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार को दोपहर गांव के प्रधान ने अपने दो भाईयों के साथ मिलकर एक बुजुर्ग की हत्या कर दी। मामला चुनावी रंजिश का बताया जा रहा है।

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pilibhit murder case

फाइल फोटो, बीसलपुर कोतवाली

चुनावी रंजिश के चलते पीलीभीत के गांव रमपुरा नौगमा में कुछ लोगों ने एक ग्रामीण और उसके दो बेटों पर हमला कर दिया। हमले में घायल पिता की मौत हो गई, जबकि दोनों बेटे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

घात लगाकर बैठे थे आरोपी

मृतक के भाई ने बताया कि गुरुवार दोपहर सुरेश चंद्र अपने बेटों देवेंद्र और जितेंद्र के साथ खेत से घर की ओर लौट रहे थे। रास्ते में गांव के ही कुछ लोगों ने, जो पहले से घात लगाकर बैठे थे, तीनों को घेर लिया। हमलावरों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले में तीनों बुरी तरह घायल हो गए। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे।

बेटों की हालत गंभीर, पिता की मौत

घायलों को सीएचसी पहुंचाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद सभी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में सुरेश चंद्र ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, वहीं देवेंद्र और जितेंद्र की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।

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वोट न देने पर प्रधान ने ठानी थी रंजिश

परिजनों ने बताया कि आरोपियों ने हाल ही में हुए प्रधानी चुनाव में हिस्सा लिया था, लेकिन सुरेश ने उन्हें वोट नहीं दिया। तभी से वे रंजिश मानते थे। कुछ महीने पहले होली पर भी दोनों पक्षों में कहासुनी और हाथापाई हो चुकी थी, जिसका समाधान गांव वालों ने कराया था। लेकिन पुरानी दुश्मनी ने अब एक जान ले ली।

घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और सुरेश चंद्र के घर कोहराम मचा हुआ है। पुलिस बल मौके पर तैनात कर दिया गया है ताकि कोई अप्रिय स्थिति न उत्पन्न हो। पुलिस की मानें तो मृतक की शिकायत पर मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर हत्या की धाराएं भी मुकदमे में जोड़ी जा रही हैं।