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पीलीभीत। जिले में पीलीभीत टाइगर रिजर्व में मानसून सीजन को लेकर गश्त तेज कर दी गई है।अब टाइगर रिजर्व से लेकर वॉचर तक जीपीएस की मदद से गश्त दी जाएगी। इसका पूरा डाटा अधिकारी निदेशक कार्यालय में बैठे-बैठे देख सकेंगे। इसके अलावा ई-सर्विलांस के जरिये भरी पूरे जंगल पर पैनी नजर रखी जाएगी।
हाई क्वालिटी के नाइट विजन कैमरे लगाए
पीलीभीत टाइगर रिजर्व की सुरक्षा के बारे में जानकारी देते हुए पीलीभीत टाइगर रिजर्व के क्षेत्र निदेशक डॉ.एच राजामोहन ने बताया कि पीलीभीत टाईगर रिजर्व में उपनिदेशक, अधिकारियों बीट वॉचर से लेकर सभी फील्ड स्टाफ जीपीएस की तदद से गश्त करेगें। उन्होंने बताया कि सभी कर्मचारियों के मोबाइल फोन में ऑफलाइन जीपीएस का सॉफ्टवेयर डाउनलोड कराया गया है। इससे कर्मचारियों को जीपीएस के साथ फील्ड की गश्त करने में आसानर होगी और उसकी पूरी निगरानी क्षेत्र निदेशक अपने कार्यालय से देख सकेंगे। टाइगर रिजर्व पीलीभीत में सुरक्षा को कड़ी करने के लिए ई सर्विलांस को हाई क्वालिटी नाइट विजन कैमरों की सुविधा भी दी जा रही है। इसका कंट्रोल रूम टाईगर रिजर्व मुख्यालय में बनाया गया है। इसका एक टॉवर भी लगाया गया है। दो टॉवर महोफ और माला रेंज में लगाये गए है। आगे अन्य रेंजों में भी ऐसे टॉवर लगाए जाएंगे। इन कैमरों की मदद से जंगल में गश्त कर रहे स्टाफ वन्यजीव व शिकारियों पर नजर रखी जाएगी।
अपराधियों पर होगी पैनी नजर
टाइगर रिजर्व पीलीभीत में अपराधियों पर भी अब और कड़ी नजर रखी जाएगी। इसके लिए मानसून पेट्रोलिंग की जा रही है। गोपनीय टीमें बनाई गई हैं। ये टीम शिकारियों तथा अवैध कटान करने वालों पर रोक लगाने के लिए मुस्तैद की जाएंगीं। इन सबके साथ साथ टाइगर रिजर्व में वन्यजीव अपराध से जुड़े लोगों की लिस्ट तैयार की जा रही है। इसके लिए पीलीभीत के जंगलों में पिछले 10 साल में हुए वन अपराधों में शामिल शिकारियों, अवैध कटान करने वाले तथा अन्य प्रकार के वन अपराधों से जुडे लोगों का इतिहास टटोला जा रहा है।
Published on:
20 Jul 2018 12:17 pm
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