पीलीभीत

रेडक्रॉस की धनराशि का नहीं होने दिया जाएगा दुरूपयोग

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी की बैठक।

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Nov 17, 2017

पीलीभीत। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि रेडक्रॉस सोसायटी के धन का दुरूपयोग नहीं होने दिया जाएगा। इसके धन का अनावश्यक कार्य के लिए व्यय नहीं होगा। रेडक्रॉस सोसायटी समाज के सामुदायिक लाभ की किसी योजना में धन का उपयोग करेंगी।


जिलाधिकारी शीतल वर्मा आज सुबह स्थानीय गांधी सभागार में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। बैठक में उन्होंने आजीवन सदस्यों से आग्रह किया कि वे सोसायटी के हित के संबंध में मुद्दे बताये। आजीवन सदस्य अमिताभ अग्निहोत्री ने पिछली बैठक में रेडक्रॉस के प्रतीक चिन्ह के दुरूपयोग, रेडक्रॉस सोसायटी की भूमि का मामले संबंध में जानकारी मांगी। जिलाधिकारी ने बताया कि रेडक्रॉस सोसायटी की भूमि के मामले में आज ही वे सदर तहसीलदार को रिमांइडर जारी करेंगी।

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रेडक्रॉस के राज्य प्रतिनिधि आजीवन सदस्य कलीम अतहर ने बताया कि रेडक्रॉस सोसायटी के चिन्ह के दुरूपयोग रोकने के लिए जिलाधिकारी अपने स्तर से आईएमए और नीमा तथा सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी को आदेशित करें कि वे इसका प्रयोग न करें। जिलाधिकारी ने इस संबंध में कोई आदेश होने की जानकारी मांगी तो उनको बताया गया कि आदेश हुआ था कि रेडक्रॉस के चिन्ह का केवल सोसायटी के सदस्य तथा सेना इसका उपयोग कर सकती है। जिलाधिकारी ने कहा कि वे इस मामले में सख्त कदम उठाएंगी।


बैठक में रेडक्रॉस के राज्य प्रतिनिधि आजीवन सदस्य कलीम अतहर खां तथा अमिताभ अग्निहोत्री ने सुझाव दिया कि जिन विद्यालयों से सोसायटी को अंशदान किया गया हो उनको प्राथमिक चिकित्सा किट उपलब्ध कराई जाए। कलीम अतहर ने तैयार की गई एक प्राथमिक चिकित्सा किट भी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इसे तैयार करने में 500 रूपए व्यय हुए हैं। यदि इसे थोक में बनाया जाए तो इसका मूल्य और कम हो सकता है। इस पर जिलाधिकारी ने ऐसे विद्यालयों को किट दिये जाने के आदेश दिये।


जिलाधिकारी को सुझाव दिया गया कि रेडक्रॉस सोसायटी का ऑडिट कराया जाए, साथ ही जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा रेडक्रॉस सोसायटी में जमा धन राशि का ब्यौरा भी रेडक्रॉस सोसायटी में रखा जाए, जिससे वर्ष में सर्वाधिक योगदान करने वाले व्यक्ति को सम्मानित किया जा सके। बैठक में आजीवन सदस्य हर्षल सिंह, लक्ष्मीकांत शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ.ओपी सिंह, डाॅ आरएन चतुर्वेदी, अपर शोध अधिकारी आनंद, डाॅ.आरबी सिंह, सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी उपस्थित थे।

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Published on:
17 Nov 2017 04:04 pm
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