
Puranpur Mahila
पीलीभीत। चार दिन पूर्व पुलिस की दबिश के दौरान दहशत में महिला की मौत के मामले में पुलिस अधीक्षक बालेन्दु भूषण सिंह ने आरोपी कोतवाली के एसएसआई समेत पांचों पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए हैं। जिससे हडकंप मच गया हैं। इस मामले में अब कोतवाल पर भी गाज गिरना तय माना जा रहा हैं।
यह हुई घटना
नगर के मोहल्ला साहूकारा लाइनपार निवासी हाजी सिददीक ने चार दिन पूर्व पुलिस अधीक्षक को संबोधित तहरीर एएसपी रोहित मिश्र को सौंपकर कहा था कि उसके पुत्र इरशाद ने गांव गहलुइया निवासी नूर नबी से भैंस का 31800 में सौदा किया था। भैंस जब लेने गए तो नूर नबी ने 500 रूपए अधिक मांगे इसको लेकर दोनों का विवाद हो गया। नूर नबी ने अपने साथियों की मदद से उसकी पिटाई की। जब वह थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने जा रहा था तो प्रधान पति हसीन ने उसे फोन कर रोक लिया, और कहा कि वह अभी बाहर है आकर समझौता करा देगा। इसके दो दिन बाद 21 अक्टूबर की रात करीब 10 बजे फैसला करने की बात पर दोनों पक्ष आसाम रोड पर सोनू ढाबे के समीप एकत्र हुए। वहां पर फिर आरोपियों ने इरशाद को बुरी तरह पीटा। जिसके बाद दोनों पक्ष थाने पहुंच गए। पुलिस ने इरशाद व गहलुइया पक्ष के दो लोगों को बंद कर दिया। हाजी सददीक का आरोप हैं कि पुलिस ने दस हजार रूपए तय कर सुबह शांति भंग की आशंका में चालान करने की बात कही। जिसके बाद मामला शांत हो गया।
पुलिस का एक दलाल भी शामिल
पुलिस ने इस मामले में एक दलाल के साथ खेल शुरू कर दिया। सददीक के घर जाकर हंगामा किया जिससे उनकी मां की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोश पनप गया। मामले की शिकायत आला अधिकारियों से की गई, तो एसपी के निर्देश पर एएसपी रोहित मिश्र, एसडीएम जेपी चैहान, सीओ कमल सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने भीड के आक्रोश को देखते हुए 36 घंटे के अंदर कार्रवाई का आश्वासन दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कल एसपी बालेन्दु भूषण सिंह भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने मृतका के पति हाजी सददीक व पुत्र इरशाद से एक घंटे तक वार्ता की। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने कोतवाल की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश जताया था। उन्होंने घटना के लिए थाना प्रभारी को भी जिम्मेदार माना था।
यह हैं आरोपी
मुख्यालय वापस लौटते ही एसपी ने आरोपी कोतवाली के एसएसआई उदयवीर सिंह, सिपाही शकील अहमद, मोहित कुंडू, हरेन्द्र व शिवम को लाइन हाजिर कर दिया था, कल देर शाम एएसपी रोहित मिश्र की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद पांचों आरोपी सिपाहियों को एसपी ने निलंबित कर दिया और उन्होंने सभी के खिलाफ एफआईआर के भी आदेश दिए। इस मामले में एसपी का कहना है कि कोतवाल की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई हैं। कोतवाल केशव कुमार तिवारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा एक दलाल की भूमिका की भी जांच की जा रही हैं।
Published on:
25 Oct 2018 06:30 pm
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