
sweaters distribution scheme
पीलीभीत। उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों के बच्चों को जूते-मोजे और स्वेटर देने की जो योजना सितंबर-नवंबर तक पूरी हो जानी चाहिए थी, उसे तराई के जिले पीलीभीत में पहुंचते-पहुंचते आधी से ज्यादा सर्दियां बीत गई। ये है सरकारी तंत्र के काम करने की रफ्तार, जिसका खामियाजा सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले मासूम बच्चों को ठिठुरते हुए भुगतना पड़ा। फिलहाल जिले में 12 जनवरी से सरकारों स्कूलों में जूते-मोजे व स्वेटर वितरण शुरू हो गया है।
अब तक मात्र आठ हजार स्वेटर बांटे गए
ललौरीखेड़ा में शुक्रवार को क्षेत्रीय विधायक किशन लाल राजपूत और बेसिक शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत प्रजापति ने बच्चों को जूते-मोजे और स्वेटर बांटे। सर्दियों के अंतिम पड़ाव में नई ड्रेस और जूते-मोजे, स्वेटर पाकर बच्चे खुश नजर आए। इस मौके पर बीएसए इंद्रजीत प्रजापति ने बताया कि पूरे जिले में पौने दो लाख स्वेटर बच्चों को बंटने है और अभी तक मात्र आठ हजार स्वेटर ही बांटे जा चुके हैं।
सरकार की तारीफ में कसीदे
स्वेटर वितरण के बाद भाजपा विधायक किशल लाल राजपूत अपनी सरकारी की वाहवाही करने से नहीं चूके। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों की अपेक्षा हमारी सरकार में स्कूली बच्चों को अच्छी क्वालिटी की ड्रेस बांटी जा रहा है। जिसे पहनकर बच्चे ऐसे लगेंगे कि किसी वे कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ते हो।
क्वालिटी मेंटेन में हुई देरी
स्वेटर वितरण में हुई देरी के सवाल पर भाजपा विधायक ने कहा कि क्वालिटी मेंटेन करने में थोड़ी देरी हो गई है। बच्चों को जो ड्रेस बांटी जा रही हैं, उसने कॉन्वेंट स्कूलों को पीछे छोड़ दिया है। आने वाले समय लोग यही कहेंगे कि बच्चों को अब सरकारी स्कूलों में पढ़ने के लिए भेजो। भाजपा विधायक ने दावा किया कि 26 जनवरी तक पूरे में स्वेटर वितरण पूरा हो जाएगा। फिलहाल क्वालिटी मेंटेन करने में छह माह बाद शुरू होने वाली योजना को दो सप्ताहों में पूरा करना चुनौती से कम नहीं है।
Published on:
13 Jan 2018 03:52 pm
बड़ी खबरें
View Allपीलीभीत
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
