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Pilibhit News: शारदा नदी में पानी छोड़ने से डूबी 200 एकड़ जमीन, भूख हड़ताल पर बैठे ग्रामीण

Pilibhit News: पीलीभीत जिले में सोमवार को शारदा नदी के बाढ़ के पानी से परेशान होकर चंदिया हजारा के निवासी ग्रामीण अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए।

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villagers sit on hunger strike over flood in pilibhit

पीलीभीत जिले के गांव चंदिया हजारा में ग्रामीण लोग भूख हड़ताल पर बैठे हुए।

Pilibhit News: पीलीभीत में शारदा नदी की बाढ़ और कटान की समस्या से परेशान होकर सोमवार को चंदिया हजारा में ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन शुरू हो गया। पहले दिन धरने में 16 लोग भूख हड़ताल पर बैठे। धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि शारदा नदी में बाढ़ आने से 200 एकड़ से अधिक खेती योग्य भूमि का कटाव हो गया है।

दरअसल 26 अगस्त को पूरनपुर तहसील में ग्रामीणों ने पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा था। 10 सितंबर तक कार्य शुरू न होने पर अगले दिन से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई थी। लेकिन अधिकारियों द्वारा बाढ़ से बचाव के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। इसके बाद सोमवार को ग्रामीणों में आक्रोश भड़क गया और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए।

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मांगे पूरी नहीं तो दिल्ली कूच करेंगे किसान
भूख हड़ताल पर लोगों को कहना है कि दो अक्टूबर तक सुनवाई न होने पर दिल्ली कूच किया जाएगा। धरना प्रदर्शन में पहले दिन ही बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। गांव में बाढ़ का पानी घुसने के बाद भी धरना जारी रहा। जुलाई से अब तक यह गांव पांच विनाशकारी बाढ़ों से जूझ चुका है। ग्रामीणों का दावा है कि बाढ़ नियंत्रण उपायों के लिए जिला प्रशासन से बार-बार अपील करने के बावजूद अब तक कोई निवारक कार्रवाई नहीं की गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि बनवसा बैराज से शारदा नदी में पानी छोड़े जाने से स्थिति और खराब हो गई। रविवार रात 10 बजे 1.41 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने और सोमवार सुबह 1.31 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से चंदिया हजारा का पूरा गांव घुटनों तक बाढ़ के पानी में डूब गया।

मांगे पूरी नहीं हुई तो तेज होगा आंदोलन
चंदिया हजारा के प्रधान वासुदेव कुंडू ने बताया कि सोमवार से धरना प्रदर्शन शुरू हो गया है। शासन प्रशासन द्वारा लिखित एनओसी प्राप्त कर चौनेलाइजेशन का कार्य कर शारदा नदी के पुराने बहाव को खोले जाने के प्रस्तावित कार्य कराने, शारदा नदी का कटान व बाढ़ का पानी रोकने को स्थाई व्यवस्था कराई जाने और कटान पीड़ित किसानों की कृषि भूमि की व्यवस्था व फसलों की क्षति का मुआवजा की मांग है। यह मांगे जब तक पूरी नहीं की जाती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि दो अक्टूबर तक इंतजार किया जा रहा है। अगर चेनेलाइजेशन का कार्य शुरू नहीं हुआ तो ग्रामीण दिल्ली कूच कर जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन करेंगे।
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