
dead body
पीलीभीत। पूरनपुर के शेरपुर कलां में एक युवक का शव सात माह बाद कब्र से बाहर निकाला गया। युवक की मौत के बाद से ही उसके परिवारीजन न्याय के लिए भटक रहे थे। मृतक युवक के परिजनों का आरोप था कि युवक की हत्या की गई थी, लेकिन कोतवाल केके तिवारी ने सांठगांठ करके हत्या को दुर्घटना में बदल दिया था। सात महीने तक इस मामले में कार्रवाई न होने से हताश परिजनों ने जब जिला प्रशासन को इच्छा मृत्यु मांगते हुए राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा, तब प्रशासन हरकत में आया। डीएम पीलीभीत वैभव श्रीवास्तव के आदेश पर आज एसडीएम ने शमशान पहुंच कर भारी पुलिस फ़ोर्स की मौजूदगी में युवक का शव कब्र से बाहर निकाला।
ये था मामला
मृतक युवक साजिद के परिजनों ने बताया कि प्रेम प्रसंग के शक में उसकी हत्या हुई थी। पूरनपुर थाना शेरपुर के निवासी अंसार, नूरइस्लाम, जमाल और मसरूफ ने साजिश रचकर साजिद की हत्या की थी। लेकिन पूरनपुर पुलिस हत्या को एक्सीडेंट में बदल कर मामला रफा दफा कर दिया। मृतक के परिजनों ने पूरनपुर पुलिस व कोतवाल के के तिवारी पर संगीन आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने आरोपियों से साठ गांठ कर मामले को दुर्घटना में बदल दिया। पुलिस ने आरोपियों से मोटी रकम ले कर पोस्टमार्टम नहीं कराया।
Published on:
11 Jul 2019 02:02 pm
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