
16वीं लोकसभा में सबसे कम था मुस्लिम सांसदों का प्रतिनिधित्व, क्या इस बार होगा सुधार?
नई दिल्ली। 16वीं लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी लहर की वजह से 25 वर्षों बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पहली बार केंद्र में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने में सफल हुई थी। भारतीय राजनीति में भाजपा के सियासी उभार से सबसे ज्यादा नुकसान मुसलमानों का हुआ था। 1967 के बाद पहली बार मुस्लिम सांसदों का लोकसभा में प्रतिनिधित्व घटकर 1980 के उच्चतम शिखर 49 से 22 हो गया। । एक बार फिर 17वीं लोकसभा चुनाव को लेकर सियासी समर चरम पर है। लेकिन अहम सवाल यह है कि विपक्षी दलों का महागठबंधन बनने के बावजूद मुस्लिम सांसदों की संख्या में इजाफा होगा या नहीं! बता दें कि कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दल मोदी सरकार को इस बार सियासी टक्कर देने में जुटेे हैं।
2014 में 4.05 फीसदी तक सिमट गया था प्रतिनिधित्व
2014 (16वीं) लोकसभा चुनाव में संसद के कुल सदस्यों में से केवल 4.05 फीसदी यानी 22 मुस्लिम सांसद ही संसद की दहलीज तक पहुंचने में कामयाब हो पाए थे। जबकि 1980 सातवें लोकसभा में 49 मुस्लिम सांसद संसद का सदस्य बनने में कामयाब हुए। यह आजादी के बाद से लेकर अब तक हुए लोकसभा चुनावों में अल्पसंख्यकों के सबसे बेहतर प्रतिनधित्व का रिकॉर्ड भी है। 15वीं लोकसभा चुनाव में 30 मुस्लिम सांसद संसद का सदस्य बनने में सफल हुए थे।
22 राज्यों से नहीं चुने गए एक भी मुस्लिम सांसद
16वीं लोकसभा में अल्पसंख्यक सदस्यों के प्रतिनिधित्व में गिरावट का प्रमुख कारण कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का लोगों के बीच लोकप्रियता का पतन होना रहा। 2014 में 22 सांसद सात राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश से चुनकर संसद भवत तक पहुंचे थे। शेष राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से एक भी मुस्लिम नेता संसद तक नहीं पहुंच सके। उत्तर प्रदेश से तो 80 में से एक भी मुस्लिम सांसद संसद सदस्य बनने में कामयाब नहीं हो पाए।
2014 में पश्चिम बंगाल से चुने गए सबसे ज्यादा मुस्लिम सांसद
16वीं लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल से सबसे ज्यादा मुस्लिम सांसद चुने गए। कुल चुने गए 22 सांसदों में आठ 8 सांसद वर्तमान लोकसभा में पश्चिम बंगाल से हैं। इसके बाद बिहार से चार और जम्मू-कश्मीर से 3 सांसद चुने गए। शेष सांसद केरल, असम, आंध्र व अन्य राज्यों से चुने गए।
18 अप्रैल को होगा दूसरे चरण का मतदान
बता दें कि करीब पांच साल बाद 17वीं लोकसभा का चुनाव जारी है। यह चुनाव सात चरणों में संपन्न होना है। पहला चरण 11 अप्रैल को संपन्न हो चुका है। 18 अप्रैल को दूसरा चरण संपन्न होगा। आज दूसरे चरण का प्रचार सायं पांच बजे समाप्त हो जाएगा। 19 मई को अंतिम चरण के लिए देश के मतदाता अपना वोट डालेंगे।
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Updated on:
16 Apr 2019 11:59 am
Published on:
16 Apr 2019 11:45 am

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