
20-year-old Ashwini dances in 22 languages
- २० साल की अश्विनी ने 60 दिन में सीखा
- बुरहानपुर की बेटी अश्विनी को 10 साल की उम्र से है गीत का शौक
बुरहानपुर. मन को भाव विभोर कर देने वाले भक्ति भजन को कोई २२ भाषाओं में गाए तो सुनने वाले भी दंग रह जाते हैं। यही हुआ पुणे महाराष्ट्र में हुई रेडियो मिर्ची की राष्ट्रीय स्तरीय गीत प्रतियोगिता में। जब बुरहानपुर की २० वर्षीय अश्विनी मेहता ने अपनी मधुर आवाज में प्रस्तुति दी तो सभी हैरत में पड़ गए। प्रतिस्पर्धा में खड़े २५ से अधिक प्रतिभागियों को हराकर पहला इनाम पाया। इस जीत के बाद उसे फिल्म सिंगर अरिजीत से मिलने का मौका भी मिला।
अश्विनी पांडूमल चौराहा बुरहानपुर की निवासी है। अश्विनी जब जीतकर लौटी तो पत्रिका से विशेष बातचीत में बताया कि २२ भाषा वाला यह भजन सीखने में उन्हें २ माह लग गए। दिनरात इसके लिए मेहनत की। अश्विनी कहती है कि उन्हें हिंदी, अंग्रेजी, मराठी, गुजराती और संस्कृत भाषा आती है। बाकी १७ भाषा नहीं आती। लेकिन जो भजन उन्होंने अलग-अलग भाषा में गाया वह उसका मतलब भी जानती है। यह गीत अश्विनी ने छह माह पहले ही सीखा है। अब वह पुणे में ही संगीत की शिक्षा ले रही है।
फिल्मी सिंगर बनने का है जुनून
अश्विनी के घर में बपचन से ही गीत-संगीत का माहौल रहा। उनके पिता विजय ऐसे तो मेडिकल व्यवसायी है, लेकिन उनका शौक भी बचपन से संगीत की दुनिया में जाने के कारण घर में सारे म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट्स लाकर रखे। इसे वे भजन कार्यक्रम में उपयोग भी करते हैं। इसलिए बेटी अश्विनी भी पिता से प्रेरित होकर गीत गा रही है। अश्विनी ने पुणे में २२ भाषा में भजन के साथ कई फिल्मी गीतों की प्रस्तुति भी दी। बेटी का संगीत के प्रति यह लगाव देख मां राजरानी भी उन्हें आगे बढ़ाने में पीछे नहीं है।
यह भजन गाया 22 भाषा में
सागर में एक लहर उठी तेरे नाम की, आपको मुबारक खुशियां आत्मज्ञान की। आपको है अनंत में जाकर मिल जाना, आप है सुंदर बूंद इस चेतना की।
Published on:
27 Jun 2018 12:12 pm
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