5 नवंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

आखिरी उम्मीद भी खत्म, शशिकला एआईएडीएमके से हुई बाहर

संयुक्त एआईएडीएमके का दावा है कि चूंकि शशिकला को पार्टी से बाहर कर दिया गया है, लिहाजा उनके द्वारा 26 दिसंबर 2016 से लिए गए सभी फैसले निरस्त हो जाएंगे
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Mohit sharma

•

Updated: 12 Sep 2017, 12:31 PM IST

AIADMK

नई दिल्ली। तमिलनाडु में मंगलवार को पन्नीरसेल्वम और पलनिसामी धड़े की ओर से बुलाई गई जनरल काउंसिल की बैठक में शशिकला को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। बैठक में संयुक्त एआईएडीएमके ने एक प्रस्ताव पास कर वीके शशिकला को न केवल जनरल सेक्रटरी के पद से बर्खास्त किया, बल्कि पार्टी से भी बाहर कर दिया।

अब अविभाजित नहीं पार्टी

पार्टी जनरल काउंसिल की बैठक में पास हुए प्रस्ताव की जानकारी देते हुए तमिलनाडु के मंत्री आरबी उदयकुमार ने बताया कि दिवंगत अम्मा (जयललिता) ने जिन लोगों को पार्टी पदाधिकारियों के तौर पर नियुक्त किया था, वो ज्यों के त्यों बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी अब अविभाजित है और चुनाव चिह्न के तौर पर दो पत्ती को वापस लेने को प्रयासरत है। उदयकुमार ने बताया कि बैठक में अस्थाई जनरल सेक्रटरी पद को खत्म करने पर भी सहमति बनी, जिसके बाद शशिकला को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। डीएमके ने इस विलय का विरोध करते हुए विश्वास मत की मांग की थी। डीएमके का दावा था कि सीएम पलनिसामी के पास पर्याप्त संख्याबल नहीं है। टीटीवी दिनकरन ने भी यही मांग उठाई थी।

शशिकला के सभी फैसले निरस्त

उधर, संयुक्त एआईएडीएमके का दावा है कि चूंकि शशिकला को पार्टी से बाहर कर दिया गया है, लिहाजा उनके द्वारा 26 दिसंबर 2016 से लिए गए सभी फैसले निरस्त हो जाएंगे। बताया गया कि उनके इन फैसलों में शशिकला द्वारा अपने रिश्तेदार टीटीवी दिनकरन को डेप्युटी जनरल सेक्रटरी बनाना भी शामिल है। इसका मतलब यह है कि अब दिनकरन की ओर से कोई भी घोषणा के कोई मायने नहीं होंगे। बता दें कि इससे पहले, एआईएडीएमके के दो धड़ों पन्नीरसेल्वम और पलनिसामी गुट ने विलय की घोषणा की थी। हालांकि दोनों की ओर से इस विलय का आधार ही यही था कि शशिकला को पार्टी से निकाल दिया जाए।