
NRC-NPR विवादः ओवैसी ने शाह को याद दिलाई मंत्रलाय की रिपोर्ट
नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र सरकार ( Modi govt ) ने जनगणना 2021 और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर ( NPR ) के लिए मंगलवार को लगभग 12,700 करोड़ रुपये मंजूर किए। सरकार ने साथ ही स्पष्ट किया कि एनपीआर का विवादास्पद एनआरसी से कोई संबंध नहीं है।
गृह मंत्री अमित शाह ( Home Minister Amit Shah ) ने एक इंटकव्यू में भी दोहराया कि एनपीआर और एनआरसी में कोई संबंध नहीं है। लेकिन अमित शाह का ये बयान ने तूल पकड़ लिया है।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) चीफ असदुद्दीन ओवैसी ( Asaduddin Owaisi ) ने गृह मंत्री अमित शाह को गृह मंत्रालय की रिपोर्ट पढ़ने की सलाह दी है।
ओवैसी ने कहा, 'गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर ( NRC ) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर ( NPR ) में संबंध है। जबकि अमित शाह कह रहे हैं कि दोनों में कोई संबंध नहीं है। पहले उन्हें अपने मंत्रालय की रिपोर्ट पढ़ लेनी चाहिए। उसके बाद बयान देने चाहिए।
आपको बता दें कि भले ही अमित शाह ने कहा है कि NPR और NRC के बीच कोई संबंध नहीं है, लेकिन दिलचस्प ये है कि मोदी सरकार ने ही संसद में कई बार दोनों के लिंक्स के बारे में बताया है।
खुद गृहमंत्रालय की रिपोर्ट में ये कहा गया है कि NRC लागू कराने की दिशा में NPR पहला कदम होगा। दरअसल 2014 को लिखित जवाब में तब गृह राज्य मंत्री रहे किरेन रिजिजू ने कहा, 'एनपीआर योजना का रिव्यू किया गया है और ये फैसला लिया गया है कि एनपीआर को पूरा किया जाना चाहिए और इसके 'तार्किक परिणाम' पर पहुंचना चाहिए, जो कि एनपीआर में नागरिकता के स्टेटस के आधार पर एनआरआईसी को बनाया जाना है।'
Updated on:
25 Dec 2019 03:01 pm
Published on:
25 Dec 2019 12:11 pm
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