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Bihar Politics: क्या बिहार चुनाव से पहले महागठबंधन में शामिल होंगे ओवैसी? खुद दिया जवाब, बोले- एक तरफा प्यार…

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों में हलचल तेज है। असदुद्दीन ओवैसी ने महागठबंधन में शामिल होने की अटकलों पर जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनकी पार्टी AIMIM बिहार में अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। ओवैसी ने अपने पत्ते अभी तक नहीं खोले हैं, जिससे सियासी हलकों में चर्चाएं जारी हैं।

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पटना

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Mukul Kumar

Jul 15, 2025

क्या बिहार चुनाव से पहले महागठबंधन में शामिल होंगे ओवैसी?

बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इसको लेकर तमाम राजनीतिक दाल एक्टिव हो गए हैं। काफी समय से यह कयास लगाया जा रहा था कि बिहार चुनाव से ठीक पहले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी महागठबंधन में शामिल हो सकते हैं। इस बात पर उन्होंने खुद जवाब दिया है।

एकतरफा प्यार नहीं चलेगा- ओवैसी

महागठबंधन में शामिल होने के सवाल का जवाब देते हुए ओवैसी ने कहा कि एकतरफा प्यार नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों को समझना चाहिए कि हम पर लगाए गए आरोप झूठ पर आधारित थे और इसलिए लगाए गए क्योंकि वे (महागठबंधन) नहीं चाहते कि गरीबों और उत्पीड़ितों का कोई नेता उनका राजनीतिक नेतृत्व बने।

ओवैसी ने महागठबंधन में शामिल होने की बात से साफ इनकार कर दिया। अपने पिछले अनुभवों और अपनी पार्टी पर लगे आरोपों का हवाला देते हुए इस फैसले की वजह बताई है।

इन क्षेत्रों में रहेगा ओवैसी का फोकस

ओवैसी ने घोषणा की है कि एआईएमआईएम सीमांचल क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करते हुए चुनाव लड़ेगी, जहां पार्टी की मजबूत उपस्थिति है। ओवैसी ने कहा कि एआईएमआईएम आगामी चुनाव अपनी शर्तों पर लड़ने और तीसरा मोर्चा बनाने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा कि हम अपना चुनाव अच्छी तरह लड़ेंगे। हमारे अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने कहा है कि हमें तीसरा मोर्चा बनाने की कोशिश करनी चाहिए। यह हमारी तरफ से एक प्रयास था। बिहार की जनता के सामने हर चीज किसी न किसी वजह से आई है।

साल के अंत तक होंगे चुनाव

बिहार विधानसभा चुनाव इस साल के अंत में अक्टूबर या नवंबर में होने की उम्मीद है। हालांकि, भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) ने आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की है।

जहां भाजपा, जद(यू) और लोजपा से मिलकर बना एनडीए एक बार फिर बिहार में अपनी सत्ता बरकरार रखने की कोशिश करेगा, वहीं राजद, कांग्रेस और वामपंथी दलों से मिलकर बना महागठबंधन नीतीश कुमार को सत्ता से बेदखल करने की कोशिश करेगा।