
Shaurya Doval
देहरादून। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बेटे शौर्य डोवाल 2019 लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं, ये कयास काफी लंबे समय से लगाए जा रहे हैं। अब ये अटकलें फिर से इसलिए शुरू हो गई हैं क्योंकि उन्होंने उत्तराखंड के अंदर एक अभियान की शुरुआत की है, जिसको देखकर ये माना जा रहा है कि शौर्य डोभाल की तैयारी 2019 लोकसभा चुनाव के लिए है। दरअसल, उन्होंने राज्य के अंदर एक अभियान की शुरूआत की है, जिसके जरिए वो राज्य की जनता के बीच अपनी पकड़ बना सकें। इसके लिए उन्होंने जनता को खुद से जोड़ने का अभियान शुरू किया है।
पौड़ी गढ़वाल में शुरू हुए 'बेमिसाल गढ़वाल अभियान’
पिछले कई दिनों से गढ़वाल के लोगों को एक पोस्टर आपको काफी आकर्षित कर रहा है। ये पोस्टर ‘बेमिसाल गढ़वाल अभियान’ का है। पिछले कुछ महीनों से ये पोस्टर गढ़वाल में कई जगह दिख रहे हैं। हर पोस्टर में एक तस्वीर छपी है। ये तस्वीर शौर्य डोभाल की है। इन तस्वीरों में दो नंबर दिए गए हैं, जिनके जरिए लोगों को इस अभियान जोड़े जाने की कोशिश की जा रही है। एक फोन नंबर पर मिस कॉल देकर इस अभियान को समर्थन दिया जा सकता है, दूसरे नंबर पर कॉल करने से शौर्य डोभाल और उनके अभियान के बारे में जानकारी मिलती है। जब दूसरे नंबर पर कॉल किया जाता है तो ऑपरेटर बताता है कि जो कोई भी बेहतर गढ़वाल के बारे में सोचता है वो इस अभियान में शिरकत कर सकता है। ये अभियान शौर्य डोवाल की एक कोशिश है। इन नंबरों के जरिए जो जानकारी लोगों को मिल रही हैं, वो गढ़वाली भाषा में भी है।
2019 में इस सीट से चुनाव लड़ सकते हैं शौर्य डोवाल
शौर्य डोभाल के इन अभियानों को लेकर ही ये अटकलें फिर से शुरू हो गई हैं कि वो 2019 लोकसभा चुनाव में पौड़ी गढ़वाल सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। आपको बता दें कि शौर्य केन्द्र के साथ अहम मुद्दों पर काम करने वाली संस्था इंडिया फाउंडेशन के डायरेक्टर हैं। शौर्य राज्य के गढ़वाल क्षेत्र में नवंबर 2017 से ही लगातार दौरा कर रहे हैं। माना जा रहा है कि वह 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले अपने लिए माहौल तैयार करना चाहते हैं।
चुनाव लड़ने की अटकलों पर क्या कहा...
इन अटकलों को लेकर शौर्य डोवाल ने एक अंग्रेजी अखबार से कहा है कि उत्तराखंड को बदलने के लिए बुलंद उत्तराखंड एक कोशिश है, और बेमिसाल गढ़वाल अभियान एक शख्स द्वारा चलाया जा रहा विशेष अभियान है। उन्होंने कहा, ''मैं नहीं जानता हूं कि मैं चुनाव लडूंगा या नहीं, ये मेरे हाथ में नहीं है, लेकिन मैं ये समझता हूं कि किसी स्थान के समझ को बदलने की शुरुआत करने के लिए राजनीति एक अहम जरिया है। बुलंद उत्तराखंड और बेमिसाल गढ़वाल इसी नैरेटिव को बदलने की एक कोशिश है।” शौर्य का गांव घिड़ी पौढ़ी गढ़वाल इलाके में पड़ता है। शौर्य डोवाल के चुनाव लड़ने की अटकलों पर बीजेपी नेतृत्व भी चुप्पी साधे हुए हैं।
क्या मन में है बीजेपी नेतृत्व के
उत्तराखंड बीजेपी के अध्यक्ष अजय भट्ट करते हैं, “बेमिसाल गढ़वाल अभियान का बीजेपी से कोई लेना-देना नहीं है, इस अभियान में हमारी प्रत्यक्ष भागीदारी नहीं है, शौर्य डोवाल राज्य कार्यकारी समिति के सदस्य हैं, चूंकि उनका ग्लोबल अनुभव है और वह हमें उत्तराखंड से जुड़े मुद्दों को सुलझाने में हमारी मदद कर सकते हैं, इस अभियान के राजनीतिक फायदे पर इस वक्त प्रतिक्रिया देना जल्दबाजी होगा।”
Published on:
01 Jul 2018 03:16 pm
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